जगदलपुर। आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बस्तर की पावन धरती पर साकार होने जा रहा है। करीब 300 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज माता के मूल शक्तिपीठ और पवित्र हिंगोल नदी का जल बस्तर जिले के बेड़ागांव (सोनपुर पंचायत) स्थित प्राचीन हिंगलाजिन मंदिर में पहुंचेगा। यह ऐतिहासिक क्षण न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का पर्व है, बल्कि अखंड भारतीय संस्कृति के अटूट संबंधों की भी जीवंत मिसाल बनेगा।
रायपुर स्थित प्रसिद्ध शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर संत युधिष्ठिर लाल महाराज स्वयं इस पवित्र जल को लेकर बेड़ागांव आएंगे। मंदिर के अध्यक्ष एवं संरक्षक अजय सिंह बैस के विशेष निमंत्रण पर संत पाकिस्तान की दुर्गम गुफाओं और हिंगोल नदी से यह पावन वारि लेकर आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उनके नेतृत्व में हर वर्ष भारतीय श्रद्धालुओं का जत्था हिंगलाज माता के दर्शन के लिए जाता है, जो इस परंपरा को निरंतर जीवित रखे हुए हैं।
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