रायपुर AIIMS का जवाब – ‘नो बेड’, हर दिन OPD में 4000 तक मरीज, दूसरे अस्पताल किया जा रहा रेफर, जानें क्या मामला

CG News: इन दिनों रायपुर एम्स में मरीजों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. ओपीडी से लेकर अस्पताल में बिस्तर के लिए मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है. हालात इस कदर हो गए हैं कि मरीज सामान्य हो या गंभीर उसे रेफर पर्ची थमाकर शहर के अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा है. हर रोज इस तरह के 15 से 20 मरीज सामने आ रहे हैं, जिन्हें आंबेडकर और DKS हॉस्पिटल रेफर किया जा रहा है.

गंभीर मरीजों को भी बिस्तर नहीं
रायपुर एम्स के ओपीडी में हर दिन 3 से 4 हजार मरीज पहुंच रहे हैं. तेजी से बढ़ती मरीजों की संख्या के अनुपात में अस्पताल में बेड नहीं बढ़े हैं. इमरजेंसी हालात में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी 150 से 200 है. हॉस्पिटल में 1000 हजार बिस्तरों की व्यवस्था है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक एम्स से मेकाहारा, आंबेडकर और DKS जैसे अस्पतालों में मरीजों को रेफर किया जा रहा है.

जिन्हें रेफर किया गया उन्हें गंभीर बीमारी
ब्रेन हेमरेज, छाती दिक्कत, लीवर और हाई ब्लड प्रेशर एवं शुगर के मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा है. मरीजों को 3 से 5 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है. सरकारी के साथ-साथ परिजन मरीजों को प्राइवेट अस्पताल ले जाने को मजबूर हैं.

अस्पताल में लग रही लंबी लाइन
एम्स में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी का असर व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है. ओपीडी में तो लाइन दिखाई दे रही है, वहीं MRI, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, एक्स-रे जैसी जांच के लिए मरीजों को कतार में लगना पड़ रहा है. मरीजों की मुसीबतें यहीं कम नहीं हो रही हैं. रिपोर्ट मिलने में देरी होने की वजह से प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है. इसी कारण से इलाज महंगा हो गया है.

Check Also

छत्तीसगढ़ सरकार का अवैध रेत खनन पर सख्त रुख, सबूत मिलने पर जिले के कलेक्टर होंगे जिम्मेदार

CG News: छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन और उसके परिवहन को लेकर राज्य सरकार ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *