पटना। राजधानी पटना की सड़कों पर आज मंगलवार (4 अगस्त) को एक बार फिर से छात्रों का आक्रोश देखने को मिला, जहां सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए गोलीकांड को लेकर आईसा, एआईएसएफ और एनएसयूआई सहित वामदल से जुड़े कई अन्य छात्र संगठन मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए सड़क पर उतरे।
कई छात्र डिटेन किए गए
छात्र संगठनों का मार्च सीएम आवास की ओर बढ़ रहा था। इस दौरान पुलिस ने उन्हें इनकम टैक्स चौराहे के पास रोक दिया। इसके बाद भी जब छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनने का प्रयोग किया और छात्रों की भीड़ को तितर-बितर किया। कई छात्र अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, कुछ को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की भी खबर है।
5 सूत्रीय मांगो लेकर छात्रों ने निकाला जुलूस
दरअसल छात्र युवा संघर्ष मोर्चा की तरफ से अपनी 5 सूत्रीय मांगो लेकर छात्रों ने रामगुलाम चौक से जुलूस निकाला था। छात्रों का जुलूस सीएम आवास का घेराव करने की ओर आगे बढ़ रहा था। इस दौरान पुलिस ने जुलूस को गांधी मैदान स्थित गेट नंबर 12 के पास रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्र रुकने को तैयार नहीं थे, वे हर हाल में सीएम आवास तक पहुंचना चाहते थे। इस बीच छात्रों का जुलूस डाक बंगला चौराहे तक पहुंच गया, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकना चाहा। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली।
भारी संख्या में पुलिस की तैनाती
प्रदर्शनकारी छात्रों के लगातार आगे बढ़ने की कोशिश के बीच पुलिस ने हालात को नियंत्रण में लाने के लिए उनपर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वाटर कैनन का इस्तेमाल करने पर कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों को डिटेन भी किया। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए, इनकम टैक्स चौराहा और डाकबंगला समेत अन्य प्रमुख स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई थी।
प्रदर्शनकारी छात्रों की 5 सूत्रीय मांगे
- विश्वविद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग।
- विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 को निरस्त करने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग।
- प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
- पुलिस कार्रवाई में प्रभावित हुए प्रदर्शनकारियों को मुआवजा देने की मांग।
- एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग।
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