पटना। NEET की एक छात्रा की मौत को लेकर बिहार की सियासत तेज हो गई है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी के बयान के बाद सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में एक मंत्री के बेटे को बचाने की कोशिश कर रही है और पूरे प्रकरण की लीपा-पोती की जा रही है।
राबड़ी देवी ने कहा कि भले ही सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया हो, लेकिन सीबीआई भी केंद्र सरकार के नियंत्रण में है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों को जानबूझकर बचाया जा रहा है, क्योंकि अपराध में शामिल लोग सरकार का ही हिस्सा हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में शायद ही कोई ऐसा जिला बचा हो, जहां अपराध नहीं हो रहे हों, लेकिन इस गंभीर मामले पर सरकार और गृह मंत्री दोनों चुप हैं।
राबड़ी देवी के इन आरोपों पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि राबड़ी देवी के पास कोई भी ठोस सबूत है, तो उसे पेश करें, अन्यथा 24 घंटे के भीतर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर किसी मंत्री का बेटा या कोई मंत्री भी इस मामले में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी 24 घंटे में कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बेटियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
इस बीच, सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा पीड़ित छात्रा के परिजनों से मुलाकात करने उनके पास पहुंचे। वहीं जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने राबड़ी देवी के बयान को सुर्खियां बटोरने की कोशिश बताया और कहा कि बिहार सरकार किसी भी अपराधी को बचाने का काम नहीं करती।
गौरतलब है कि जहानाबाद की रहने वाली NEET की छात्रा 6 जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक हॉस्टल में अचेत अवस्था में मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के परिजनों ने शुरू से ही मामले को दबाने के आरोप लगाए हैं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद बिहार सरकार ने जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है।
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