Dhamtari: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के पीपरछेड़ी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया. प्रशासन की टीम जब बुलडोजर लेकर अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची, तो प्रभावित परिवार ने विरोध शुरू कर दिया.
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि परिवार के कुछ लोगों ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश कर दी. मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने समय रहते हालात संभाले, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी. हालात तनावपूर्ण होते देख प्रशासन ने कार्रवाई फिलहाल स्थगित कर दी है.
क्या है पूरा मामला?
- यह पूरा मामला ग्राम पीपरछेड़ी का है.
- जानकारी के मुताबिक गांव के रहने वाले रमेश साहू पर कथित रूप से शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण बनाकर रहने की शिकायत प्रशासन को मिली थी.
- साथ ही गांव में 24 से 25 अन्य लोगों पर भी अतिक्रमण के आरोप की शिकायतें बताई जा रही हैं.
बुलडोजर एक्शन पर गांव वालों ने जताया विरोध
बताया गया कि प्रशासन ने पहले नोटिस भेजा था, लेकिन कथित तौर पर अतिक्रमणकारियों ने उस पर ध्यान नहीं दिया. इसके बाद प्रशासन की टीम आज कार्रवाई के लिए बुलडोजर लेकर गांव पहुंची और अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
जैसे ही मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई, पीड़ित परिवार ने इसका जोरदार विरोध किया. परिवार के लोग बुलडोजर के सामने बैठकर प्रदर्शन करने लगे. उनका कहना था कि घर बनाने में 8 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं और उनके पास रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है.
परिवार ने की आत्मदाह की कोशिश
कार्रवाई रोकने की कोशिशें नाकाम रहीं और बुलडोजर चलता रहा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. इसी दौरान पीड़ित परिवार के कुछ लोगों ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की. मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की टीम ने समय रहते उन्हें रोका और हालात को शांत कराया.
फिलहाल के लिए रोकी गई कार्रवाई
घटना के दौरान मौके पर काफी संख्या में सुरक्षा बल तैनात होने की बात कही जा रही है. जब माहौल बिगड़ता दिखा, तो प्रशासन ने तत्काल स्थिति को देखते हुए कार्रवाई स्थगित कर दी. गांव में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter