अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ता है तो यह अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए गंभीर खतरा साबित होगा। अपने संबोधन में ट्रंप ने वैश्विक युद्धों और पुराने सैन्य संघर्षों का जिक्र करते हुए अपनी नीति को सही ठहराने की कोशिश की।
ट्रंप ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के साथ कोरियाई, वियतनाम और इराक युद्ध की अवधि गिनाते हुए कहा कि मौजूदा सैन्य अभियान बेहद ताकतवर और प्रभावी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले कुछ हफ्तों में ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है और अब वह पहले जैसा खतरा नहीं रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि वे हमेशा कूटनीति के जरिए समाधान चाहते थे, लेकिन ईरान ने सभी समझौते के प्रयासों को नजरअंदाज किया और अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखा। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा।
अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में ईरान के खिलाफ और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका और भी बड़ा सैन्य अभियान चला सकता है।
इसके साथ ही ट्रंप ने उन देशों पर भी निशाना साधा जो इस संघर्ष में अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं। उन्होंने ऐसे देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा के मुद्दे पर सभी को स्पष्ट रुख अपनाना होगा।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
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