बिलासपुर: 10 साल बीत गए… लेकिन बिलासपुर Veterinary College आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि वेटरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस साल भी कॉलेज को मान्यता देने से साफ इनकार कर दिया है। वजह बेहद सीधी है। पशु अस्पताल, स्टाफ क्वार्टर और ऑडिटोरियम अब तक कागजों से बाहर नहीं आ पाए। कोनी क्षेत्र में पशुओं के इलाज के लिए जिस आधुनिक अस्पताल की जरूरत थी, वह सपना ही बना हुआ है। नतीजा यह कि कॉलेज को मान्यता मिलने की उम्मीद अब नए साल तक टल गई है।
बिलासपुर Veterinary College को फिर नहीं मिली मान्यता…
इससे छात्रों, शिक्षकों और पशुपालकों तीनों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि बिलासपुर Veterinary College के लिए नियुक्त अमला फिलहाल अंजोरा Veterinary College में सेवाएं दे रहा है। उनके स्थानांतरण से अंजोरा कॉलेज के खाली होने का खतरा मंडरा रहा है। ऊपर से यहा के डीन इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हालांकि नई महिला टीम की पदस्थापना कर दी गई है, लेकिन नए Veterinary College का अनुभव उनके पास नहीं है। अब सवाल साफ है।क्या 10 साल की देरी के बाद भी व्यवस्था जागेगी,या पशु चिकित्सा शिक्षा यूं ही अटकी रहेगी?
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