दिल्ली में फिर गरजा बुलडोजर, गांधी नगर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर DDA और MCD का ऐक्शन

दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई (Bulldozer Action) तेज हो गई है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली नगर निगम (MCD) अब किसी भी प्रकार की ढील देने के लिए तैयार नहीं हैं. मंगलवार को, एमसीडी ने पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है.

एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर बादल सिंह ने बताया कि सोमवार शाम गांधीनगर वार्ड की निगम पार्षद प्रिया कंबोज और कृष्णा नगर वार्ड के पार्षद संदीप कपूर ने उनसे मुलाकात की. उन्होंने सड़क पर अतिक्रमण और लोगों को होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी दी, यह भी बताया कि एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल रहा है. इसके बाद, एक अभियान चलाकर सभी अतिक्रमण हटा दिए गए. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भविष्य में ऐसा न करें, क्योंकि अब इस क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा.

हाल के कुछ हफ्तों में, दिल्ली की राजधानी के जंगपुरा स्थित मद्रासी कैंप, कालकाजी भूमिहीन कैंप, अशोक विहार और वजीरपुर में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाए गए हैं. इस कार्रवाई के दौरान कई झुग्गियों को बुलडोजर की सहायता से हटाया गया है.

हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेता, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस निर्णय के पीछे भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं. केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने 29 जून को जंतर-मंतर पर दिल्ली में झुग्गीवासियों के खिलाफ चल रहे बुलडोजर अभियान के खिलाफ एक प्रभावशाली धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने झुग्गीवासियों से अपील की कि वे सड़कों पर उतरें और आगामी चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को अस्वीकार करें.

केजरीवाल ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का वादा किया था, लेकिन उनका असली मतलब ‘जहां झुग्गी, वहां मैदान’ था. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी के वादे झूठे हैं और लोगों से अपील की कि वे भविष्य में उनके छलावे में न आएं.

मुखिया ने आरोप लगाया है कि रेखा गुप्ता की सरकार ने पिछले पांच महीनों में शहर को बर्बाद कर दिया है. केजरीवाल ने झुग्गीवासियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यहां 40 लाख झुग्गीवासी हैं, और यदि वे सड़कों पर उतरेंगे, तो सरकार को तोड़फोड़ रोकने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि अन्ना आंदोलन जंतर-मंतर से प्रारंभ हुआ था, जिसने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया. अब एक नया आंदोलन शुरू होने जा रहा है, जिससे भाजपा की सत्ता भी कमजोर हो सकती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि भविष्य में कांग्रेस और भाजपा में से किसी को भी वोट न दें, क्योंकि दोनों पार्टियां एक-दूसरे की तरह हैं.

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