Indore: ‘डांसिग कॉप’ रंजीत को मिली सजा! प्रधान आरक्षक से वापस बनाए गए आरक्षक, जानें ‘डिमोशन’ की वजह

Indore News: इंदौर के चर्चित ‘डांसिंग कॉप’ रंजीत सिंह को विभागीय कार्रवाई के तहत सजा दी गई है. इंदौर पुलिस विभाग ने कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को उनके उच्च पद के प्रभार से हटाते हुए मूल पद आरक्षक पर वापस भेज दिया है. यह कार्रवाई विभागीय जांच पूरी होने के बाद की गई है.

क्यों हुआ रंजीत सिंह का डिमोशन?

  • डांसिंग कॉप रंजीत सिंह वर्तमान में रक्षित केंद्र, इंदौर में पदस्थ थे और उन्हें प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार सौंपा गया था.
  • कुछ समय पहले एक महिला द्वारा उन पर चैटिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे.
  • आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विभागीय जांच के आदेश दिए थे.
  • जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए, डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की गई.
  • विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया कि महिला द्वारा लगाए गए चैटिंग से जुड़े आरोप तथ्यों के आधार पर सही नहीं पाए गए.
  • हालांकि, विभाग का मानना रहा कि पूरे घटनाक्रम से पुलिस की छवि पर असर पड़ा और एक अनुशासनहीनता का संदेश गया.
  • इसी आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि रंजीत सिंह से प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार वापस लिया जाए.

आदेश में क्या कहा गया?
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रंजीत सिंह (कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 146) को विभागीय कार्रवाई के तहत उनके मूल पद आरक्षक पर वापस पदस्थ किया जा रहा है. यह निर्णय अनुशासन और पुलिस की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.

पुलिस विभाग का कहना है कि भले ही आरोप झूठे साबित हुए हों, लेकिन एक पुलिसकर्मी से अपेक्षा की जाती है कि उसका आचरण हर स्थिति में मर्यादित और विवादों से दूर रहे. किसी भी तरह का विवाद या सार्वजनिक चर्चा पुलिस बल की साख को प्रभावित करती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

डिमोशन की हर ओर चर्चा
इस पूरे मामले के बाद पुलिस विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अनुशासनहीनता या विवादों में घिरने वाले मामलों में सख्त रुख अपनाया जाएगा, चाहे आरोप सही हों या गलत. वहीं, इस कार्रवाई के बाद इंदौर पुलिस महकमे में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. फिलहाल रंजीत सिंह अपने मूल पद आरक्षक के रूप में रक्षित केंद्र, इंदौर में सेवाएं देंगे. पुलिस विभाग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि भविष्य में इस तरह के मामलों में और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

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