पांच साल पहले की बात है छत्तीसगढ़ की राजधानी में कांग्रेस के सदस्यों ने एक धर्म सभा का आयोजन किया था। इस सभा के आयोजक कौन नहीं थे ,ये बात बेमानी है, ये जरूर है कि इस धर्मसभा का विषय वस्तु क्या था।किसी धर्मसभा में आयोजित आमंत्रित साधुओं के साथ कैसे दुर्व्यवहार किया जाता है ये कांग्रेस के कुछ सदस्यों से नहीं सीखा जाना चाहिए। कालीचरण महाराज भी आमंत्रित थे।धर्म से बात निकल कर व्यक्ति पर आई। मोहन लाल करम चंद गांधी, विषय वस्तु हो गए। बात बिगड़ी और मुद्दा इतना रंग ले लिया कि अतिथि के खिलाफ समाज में वैमनस्यता फैलाने का एफआईआर हो गया।
आनन फानन कालीचरण महाराज को जेल दाखिल कर दिया गया। छत्तीसगढ़ का सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बिगड़ गया।कांग्रेस के कुछ लोगों पर हिंदू और सनातन धर्म के अपमान का मुद्दा उठा। कालीचरण महाराज पर न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इस घटना को गुजरे पांच साल हो गए फिर दिसंबर आ गया।इस बार फिजा बदली हुई है।राज्य में हिंदू और सनातन धर्म का विरोध करने वाले कुछ कांग्रेसियों के लिए फिर से हिन्दू और सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री आंख के कांटा बन गए है। एक बार फिर बात धर्म से व्यक्ति पर आ गई है।

पिछली बार मोहन दास करम चंद गांधी थे, इस बार भूपेश बघेल है। वैसे कालीचरण महाराज को जेल भिजवाने में भूपेश बघेल का ही हाथ था।दिमाग देने वाली सौम्या चौरसिया थी, जो बिलासपुर में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाए रखने के लिए निरंतर पूजा अनुष्ठान कराने का ठेका ले कर रखी थी।कालीचरण महाराज का श्राप ऐसा काम किया कि विधान सभा चुनाव के दो महीने पहले लगभग वापसी करने वाली पार्टी विपक्ष में बैठ गई। जितने सीट 2018में जीते थे उससे आधे में आ गए। इस बार पाला पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से पड़ा है।
उन्होंने बिना नाम लिए सनातन का विरोध करने वालों को विदेश में बसने का सुझाव क्या दिया हनुमान चालीसा और अष्टक पढ़ने वाले को बात व्यक्तिगत लग गई। बिफर पड़े।जहां जहां जा रहे है बोल रहे है। अंबिकापुर में क्रिसमस के बाद पहुंचे तो एक संप्रदाय विशेष की बैठक में शिरकत किए। इस धर्मावलंबियों को उनका धर्म खतरे में दिख रहा है।
प्रदेश में धर्मांतरण और मतांतरण का जबदस्त विरोध हो रहा है। बस्तर में तो जबरिया धर्म परिवर्तन कराने वालों का दाना पानी बंद कर दिया गया है। ऐसे घर जहां से प्रलोभन का खेल चल रहा था ऐसे घर निगरानी में है। खबर ये भी है कि राज्य में महाराष्ट्र की एक संस्था कुछ लोगों का गिरोह बनाकर धर्मांतरण ओर मातातंरण के लिए महासमुंद, गरियाबंद और रायपुर जिले में लाखों रुपए की फंडिंग कर रही है। आश्चर्य की बात ये है कि पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर हो रहा है।इसकी सूचना राज्य के इंटेलीजेंस एजेंसी के पास है।शीघ्र बहुत बड़े गिरोह का खुलासा होना शेष है
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