MP News: भोपाल के युवक को नौकरी के बहाने म्यांमार में बनाया बंधक, बेचा गया, आरोपी बिहार से गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश साइबर सेल की बड़ी कर्रावाई की है. साइबर स्लेवरी के अंतरराष्ट्रीय गैंग का भंडाफोड़ हुआ है. साइबर सेल ने दो एजेंट को गिरफ्तार किया है. साइबर स्लेवरी के जाल में फंसा कर भोपाल के युवक से म्यांमार में ‘गुलामी’ करवाई गई. नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड के रास्ते म्यांमार भेजा गया और फिर वहां पर युवक का शोषण किया गया.

दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जो युवाओं को विदेश भेजकर साइबर स्कैम में लगवाने वाला रैकेट चलाने का काम करता है. विदेश में नौकरी का लालच देकर साइबर ठगी के दलदल में धकेलने के आरोप में दो आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है. इन लोगों पर आरोप है कि विदेश में अच्छी नौकरी का लालच के विज्ञापन देकर युवाओं को झांसे में लेते थे.

आरोपी, युवाओं को थाईलैंड बुलाकर अवैध तरीके से म्यांमार भेजते थे. ऐसे युवाओं को साइबर स्कैम करने वाले लोगों को विदेशी करेंसी के बदले बेच देते थे. पीड़ितों को जबरन बंधक बनाकर स्कैम का काम कराया जाता था.

अच्छी वेतन का अच्छा झांसा दिया जाता है
मामले में एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया तो वहीं दूसरे आरोपी की गिरफ्तार दिल्ली एयरपोर्ट से हुई है. आरोपियों द्वारा विदेश में अच्छी वेतन वाली नौकरी के विज्ञापन देकर लोगों को थाईलैंड बुलाकर अवैध तरीके से बार्डर पार करवाकर म्यांमार देश ले जाया जाता था. आरोपियों के पास से पास से 2 मोबाइल, 1 टैबलेट, 1 सायबर स्कैम कंपनी में काम करने का आई कार्ड, और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए. सायबर स्कैम करने बाली कंपनियों के हाथों विदेशी मुद्रा के एवज में बेच दिया जाता था.

पीड़ित ने बतायी पूरी कहानी
भोपाल निवासी जितेन्द्र अहिरवार को म्यांमार में साइबर स्कैम करने वाली कंपनी को बेचा गया. विदेश में डाटा एंट्री की जॉब करने का आफर देखा जितेंद्र नाम के युवक को शिकार बनाया गया. जितेन्द्र को महीनों म्यांमार में कैद करके उसके साथ मारपीट की गई. एजेंट द्वारा टेलीग्राम में इंटरव्यू करवाकर थाईलैंड की टिकट भेज दी. जिस पर जितेन्द्र थाईलैंड पहुंचा. जहां पर एजेंट के साथियों द्वारा टैक्सी में बैठा कर थाईलैंड-म्यांमार देश के बार्डर तक ले जाया गया.

वहां से नदी पार करवाकर म्यांमार देश ले जाया गया. जहां पर साइबर स्कैम करने वाली कंपनियों के हाथों बेच दिया गया. म्यांमार की आर्मी ने जितेंद्र का रेस्क्यू कर थाईलैंड भेजा. फिर थाईलैंड से भारत डिपोर्ट किया गया. भारत आने के बाद जितेंद्र ने साइबर सेल को शिकायत की जिस पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.

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