राजनांदगांव। शहर वासियों को बेहतर उद्यान की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए भले ही नगर निगम विशेष प्रयास कर रहा हो, लेकिन स्थिति इसके विपरीत ही देखने को मिल रही है। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए उद्यानों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। रखरखाव के अभाव में कई उद्यान उजड़ने लगे हैं।
बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले भी अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ गई है। बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। उद्यानों में लगाए गए फूल और सजावटी पौधे भी धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं।
हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किए गए इन उद्यानों में अब सूखे पौधे और खाली स्थान दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सुंदरता पूरी तरह से गायब होती नजर आ रही स्थिति यह है कि कई उद्यानों के परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से लोगों ने उद्यानों में जाना भी कम कर दिया है। सुबह और शाम टहलने आने वाले लोगों ने भी व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
राजनांदगांव जिला मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में उद्यानों की व्यवस्था तो कर दी गई, लेकिन उनकी सही देख-रेख नहीं हो रही है। उद्यानों पर नजर नहीं रखने के कारण लोगों को भी काफी अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में और अधिक खराब स्थिति देखने को मिल रही है।
राजनांदगांव नगर निगम द्वारा शहरी सौंदर्यीकरण के तहत कई महत्वपूर्ण उद्यानों, पार्कों और वाटिकाओं का निर्माण और कायाकल्प किया गया है। नगर निगम के अधिकारियों की माने तो शहर में 45 से अधिक उद्यान निर्माण किए गए हैं।शहरवासियों का कहना है कि उद्यानों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लोगों ने प्रशासन से उद्यानों की नियमित निगरानी, साफ-सफाई और बच्चों के लिए लगाए गए झूलों की मरम्मत कराने की मांग की है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में बीस से अधिक उद्यानों की व्यवस्था है। नेहरू नगर उद्यान से लेकर चौपाटी सहित अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार की दिक्कतें देखने को मिल रही है।
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