डबरा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील अंतर्गत आने वाले पिछोर थाना क्षेत्र में पैसों के लेन-देन को लेकर आदिवासी समाज के दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। घटना में लाठी-डंडों से की गई मारपीट का शिकार गर्भवती महिला भी हो गई। जब बदहवास परिजन लहूलुहान अवस्था में थाने पहुंचे, तो पुलिस के रवैये से नाराज होकर वे गर्भवती महिला को गोद में उठाकर सिटी थाने पहुंच गए और जमकर हंगामा शुरू कर दिया।
पड़ोसियों ने लाठी-डंडों से पीटा
पिछोर के वार्ड क्रमांक 3 निवासी पीड़ित हरिराम आदिवासी ने बताया कि देर शाम पड़ोस के ही रहने वाले रवि, लखन, राजा, सूरज, मिथिलेश, अनु और भूरी आदिवासी ने गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया। आरोपियों ने राजो आदिवासी और रोशनी आदिवासी के साथ लाठी-डंडों से सरेराह मारपीट की। मारपीट में घायल रोशनी आदिवासी गर्भवती है, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
पुलिस पर भगाने का आरोप, गोद में उठाकर पहुंचे सिटी थाना:
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पिछोर थाने पहुंचने पर पुलिस ने सीधी FIR दर्ज करने के बजाय टालमटोल की और थाना प्रभारी ने उन्हें भगा दिया। आक्रोशित परिजन घायल गर्भवती महिला को हाथों में उठाकर सीधे डबरा सिटी थाने पहुंचे, जहां हंगामे के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
थाना प्रभारी की सफाई: ‘मेडिकल के लिए भेजा था’
मामला तूल पकड़ते ही पिछोर थाना पुलिस तुरंत डबरा सिटी थाना पहुंची और घायलों को तुरंत मेडिकल के लिए भेजा। पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती है। पीड़ित पक्ष को मेडिकल कराने के लिए ही डबरा भेजा गया था, लेकिन वे सीधे सिटी थाने पहुंच गए।
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