Rewa: रीवा में बाढ़ का पानी उतरने के बाद तबाही का ऐसा मंजर दिखा जिसने लोगों के होठों से मुस्कान छीन ली. जिले के त्यौंथर तहसील के मझिगवां गांव में कई परिवारों के आशियाने मलबे में हो तब्दील हो गए. लोगों जीवनभर मेहनत करके जो पूंजी इकठ्ठा की वह एक झटके में तबाह हो गई. गृहस्थी का सामान, अनाज और पालतू जानवरों सेमत कई जरूरी चीजें पानी में बह गईं.
पूरे गांव में पसरा सन्नाटा
अब जब बाढ़ का पानी उतर गया और लोग अपने गांव वापस पहुंचे तो वहां केवल मिट्टी मे मिले घर और सन्नाटा ही दिखाई दिया. मलबे के बीच बचे सामान की तलाश करते लोग अपनों के उजड़ चुके सपनों को समेटने की कोशिश कर रहे हैं. इस गांव में बाढ़ का पानी तो उतर गया, लेकिन दर्द और बर्बादी के ऐसे निशान छोड़ गया जो यहां के लोगों को जिंदगी भर याद रहेंगे.

मलबे में तब्दील हुए धर
जिन घरों को लोगों ने वर्षों की मेहनत और जीवनभर की जमा पूंजी से बनाया था, आज वही घर मलबे में तब्दील हो चुके हैं. किसी का आशियाना उजड़ गया तो किसी की पूरी गृहस्थी पानी में बह गई. अनाज, कपड़े, बर्तन और जरूरत का सामान बाढ़ की तेज धार में बह गया. पानी उतरने के बाद अब तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं.
आंखों में आंसू और चेहरे पर मायूसी
त्यौंथर तहसील के मझिगवां गांव में कई परिवार मलबे के बीच अपने बचे हुए सामान को तलाशते नजर आ रहे हैं. आंखों में आंसू और चेहरे पर मायूसी उनकी पीड़ा बयां कर रही है. कल तक जिन घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, आज वहां कीचड़, टूटे सामान और बर्बादी का मंजर है.

परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती
अब इन परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोबारा जिंदगी शुरू करने की है. जिनके पास सिर छिपाने की जगह तक नहीं बची, उनके लिए यह बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और सपनों पर पड़ा गहरा आघात है. पानी उतर गया, लेकिन उजड़े आशियाने और बिखरे सपनों का दर्द शायद जिंदगी भर नहीं उतरेगा.
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