जबलपुर: भोपाल के बहुचर्चित त्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में आरोपी पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। मंगलवार को जबलपुर हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान CBI ने जमानत का विरोध किया और लिखित आपत्ति पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने CBI को लिखित जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। इसके चलते कोर्ट ने मंगलवार को जमानत याचिका पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया। अब मामले की अगली सुनवाई CBI की आपत्ति और जवाब पेश होने के बाद होगी।
CBI ने मांगा एक सप्ताह का समय
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका का विरोध किया गया। जांच एजेंसी ने कोर्ट के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखित जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।
हाईकोर्ट ने CBI की मांग स्वीकार करते हुए उसे एक सप्ताह का समय दिया है। ऐसे में गिरिबाला सिंह को फिलहाल जमानत के मामले में कोई राहत नहीं मिली है।
पहले अग्रिम जमानत मिल चुकी थी
गौरतलब है कि त्विशा शर्मा की आत्महत्या के मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे के खिलाफ भोपाल के कटारा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले में भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय ने पहले गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत का लाभ दिया था।
इसके बाद मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। अब गिरिबाला सिंह की ओर से दोबारा हाईकोर्ट का रुख करते हुए जमानत की मांग की गई है।
अगली सुनवाई CBI के जवाब के बाद
मंगलवार की सुनवाई में CBI ने जमानत का विरोध करते हुए लिखित आपत्ति पेश करने के लिए समय मांगा। कोर्ट की ओर से एक सप्ताह का समय दिए जाने के बाद अब अगली सुनवाई में CBI का पक्ष सामने आएगा।
फिलहाल हाईकोर्ट ने जमानत पर कोई अंतिम राहत नहीं दी है। मामले में आगे की स्थिति CBI की लिखित आपत्ति और अगली सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।
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