भोपाल। मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। हाईकोर्ट द्वारा ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) के मामले में आए ताजा आदेश के बाद प्रदेश में सरकारी नौकरियों के रास्ते में बड़ा कानूनी पेंच फंस गया है। इस फैसले के चलते विभिन्न विभागों के करीब 21 हजार से अधिक पदों पर भर्ती और परिणामों (Results) के लटकने की आशंका पैदा हो गई है, जिससे नौकरी की आस लगाए बैठे युवाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
क्या है पूरा मामला और आंकड़े?
कर्मचारी चयन मंडल (ESB) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आगामी कुछ महीनों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के परिणाम जारी किए जाने थे।पहले से होल्ड पद: राज्य में पूर्व से चल रहे 87:13 के फॉर्मूले के चलते पहले से ही लगभग 11,000 पदों के रिजल्ट होल्ड पर हैं।अब नए संकट में फंसे पद: अब हाईकोर्ट के नए फैसले के बाद जिन परीक्षाओं के रिजल्ट पर सीधा असर पड़ा है, उनमें 6 प्रमुख विभागों के लगभग 9,973 पद शामिल हैं। इस तरह कुल मिलाकर 21 हजार से ज्यादा पदों का भविष्य अधर में लटक गया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिन परीक्षाओं और परिणामों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- कृषि विस्तार अधिकारी: 2,377 पद
- वनरक्षक एवं जेल प्रहरी: 2,262 पद
- नर्सिंग ऑफिसर एवं सिस्टर ट्यूटर: 2,117 पद
- ग्रुप-2 सब-ग्रुप-4 एवं पटवारी: 1,928 पद
- अस्पताल सहायक: 1,200 पद
- सहायक उप निरीक्षक (कंप्यूटर): 89 पद
इंतजार और लंबा होता नजर आ रहा
इसके अलावा, MPPSC 2025 की मुख्य परीक्षा (मेन्स) के 158 पद और MPPSC 2026 की प्रारंभिक परीक्षा (प्री) के 156 पदों के परिणाम भी इसी कानूनी पेचीदगी के दायरे में आ गए हैं। एजेंसी और शासन स्तर पर इस कानूनी स्थिति से निपटने के लिए मंथन जारी है, लेकिन तब तक हजारों युवाओं का इंतजार और लंबा होता नजर आ रहा है।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter