दिल्ली की सड़कों पर एक अनोखी तिकड़ी सक्रिय थी, जिसे देखकर कोई भी यह नहीं सोच सकता था कि वे ठगी की एक ऐसी योजना बना रहे हैं जो फिल्मों को भी मात दे सकती है. इस गिरोह में सास-ससुर और बहू की एक जोड़ी शामिल थी, जो महिलाओं को नकली नोट दिखाकर उनकी जूलरी चुरा लेती थी. लेकिन आखिरकार, पुलिस की सतर्क निगाहों ने उनके इस खेल को समाप्त कर दिया.
पुलिस के हत्थे चढ़ी ‘फैमिली ठग गैंग’
बाहरी दिल्ली के रघुवीर नगर में रहने वाला लक्ष्मण इस फैमिली ठग गैंग का मुख्य योजनाकार निकला, जो अपनी पत्नी और बहू के साथ मिलकर अपराधों को अंजाम देता था. रणहौला थाना और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने तीनों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
ऐसे फंसाते थे मासूम महिलाएं
यह तिकड़ी विशेष रूप से स्थानीय बाजारों और मंदिरों के आसपास सक्रिय रहती थी. वे अकेली चलने वाली महिलाओं को अपने शब्दों में फंसाकर, नकली नोटों का एक बंडल दिखाकर उन्हें धोखा देती थीं. बातचीत के दौरान, महिलाएं अपनी सोने की ज्वेलरी उतार देतीं और इसके बदले में उन्हें नकली नोटों से भरा पैकेट दिया जाता.
हिप्नोटिज्म जैसा धोखा और फरार हो जाते थे तीनों
पहले सास-बहू का विश्वास जीतने के लिए महिलाएं अपनी चालाकी का इस्तेमाल करती थीं, फिर लक्ष्मण, जो ससुर का किरदार निभाता था, गंभीरता से बात करने के बहाने आता और महिलाओं को सम्मोहित कर उनके गहने उतरवा लेता था. इस पूरी योजना में इनकी टीम वर्क इतनी कुशल थी कि किसी को भी यह संदेह नहीं होता था कि उनके पीछे ठगी की एक सुनियोजित साजिश चल रही है.
पुलिस को मिली थी टिप, जाल बिछा कर पकड़ा
विकास नगर के साईं बाबा मंदिर के निकट गश्त कर रही पुलिस को सूचना मिली कि एक गैंग महिलाओं को ठगने में लगा हुआ है. इस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि 17 जुलाई को रणहौला में इसी समूह ने एक महिला से सोने की चेन लेकर उसे नकली नोट सौंप दिए थे. अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि सास-ससुर और बहू की इस ठग तिकड़ी ने कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है और क्या इनके पीछे कोई और भी शामिल है.
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