CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हाल ही में चाकू की आसान उपलब्धता और बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया. जनहित याचिका में शासन से जवाब तलब किया गया था.
दुकानों और ई-कॉमर्स साइट्स से चाकू की बिक्री पर हाई कोर्ट सख्त
सोमवार को शासन ने शपथपत्र में 2021 से अब तक दर्ज चाकूबाजी मामलों का डाटा पेश किया और बताया कि आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है. साथ ही आनलाइन बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को पक्षकार बनाते हुए व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए और सवाल उठाया कि ये खतरनाक बटनदार और डिजाइनर चाकू खुलेआम और आनलाइन कैसे बिक रहे हैं.
स्थिति बेहद चिंताजनक – हाई कोर्ट
खरीद और बिक्री दोनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि ये चाकू सब्जी काटने के लिए नहीं खरीदे जाते और आर्म्स एक्ट होने के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई गंभीर चिंता का कारण है. रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2025 तक सिर्फ बिलासपुर में 120 चाकूबाजी की घटनाएं हुईं, जिसमें 7 लोगों की मौत और 122 लोग घायल हुए. इनमें कई मामूली विवाद के चलते हुईं. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में तय की है.
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