समग्र शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री के निर्देशों को लागू करने के लिए मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक को भेजा गया है। बैठक में कई योजनाओं की समीक्षा की गई। इन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
संकुल समन्वयकों से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। संकुल समन्वयक सप्ताह में चार दिन अपने स्कूल में पढ़ाएंगे और दो दिन संकुल क्षेत्र के अन्य स्कूलों की एकेडमिक मॉनिटरिंग करेंगे। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से शालीन व्यवहार करने की बात भी कही गई है।
खरीद और गुणवत्ता पर सख्ती
समग्र शिक्षा के तहत होने वाली किसी भी सामग्री की खरीद में गुणवत्ता और भंडारण नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। अब समग्र शिक्षा से जुड़ी फाइलें डीएमसी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से पेश की जाएंगी।
मॉडल स्कूलों का विकास
पीएम श्री, सेजेस, इग्नाइट और 72 मुख्यमंत्री डीएवी स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही हर साल 1000 से 1500 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर एक महीने के भीतर शिक्षा मंत्री के सामने प्रस्तुत करनी होगी। समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाली राशि के खर्च की योजना 10 दिन में मंत्री को सौंपी जाएगी।
आवासीय स्कूलों में सुरक्षा
शिक्षा विभाग के तहत चल रहे आवासीय स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राज्य, जिला और विकासखंड स्तर के शिक्षा कार्यालयों में सालों से एक ही शाखा में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य नए सिरे से आवंटित करने का आदेश जारी हुआ है।
बेहतर होगी शिक्षा की गुणवत्ता
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि, तय समय-सीमा में इन सभी बिंदुओं पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों का मानना है कि, इन निर्देशों को लागू करने से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।
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