Raipur Protest Regulations: धरना-प्रदर्शन, रैली या जुलूस निकालना अब आसान नहीं रहा। राज्य शासन ने नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अनुमति प्रक्रिया को और कड़ा कर दिया गया है। लोग आवेदन लेकर निगम दफ्तर पहुँच रहे हैं, लेकिन बिना एनओसी उन्हें लौटा दिया जा रहा है।
निगम को मिला अधिकार
पहले धरना, प्रदर्शन और जुलूस की अनुमति जिला प्रशासन से मिलती थी। अब राज्य शासन ने आदेश जारी कर यह अधिकार नगरीय निकायों को सौंप दिया है। रायपुर नगर निगम मुख्यालय में अब आवेदन लिए जा रहे हैं।
चार विभागों की एनओसी जरूरी
नए नियम के अनुसार, आवेदकों को आवेदन के साथ जिला प्रशासन, संबंधित पुलिस थाना, बिजली कंपनी और फायर ब्रिगेड की एनओसी लगानी होगी। बिना इन चार विभागों की मंजूरी, निगम आवेदन ही स्वीकार नहीं कर रहा है।
लोगों की बढ़ी परेशानी
लोग सीधे आवेदन लेकर निगम पहुँच रहे हैं, लेकिन उन्हें वहां यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि पहले चारों विभागों से एनओसी लेकर आएं। पुलिस विभाग मौके का मुआयना और यातायात विभाग की सहमति के बाद ही एनओसी जारी कर रहा है। इसी तरह बिजली कंपनी और फायर ब्रिगेड से अनुमति लेने में भी समय लग रहा है।
शुल्क का नया प्रावधान
नगर निगम प्रति आवेदन 1000 रुपए शुल्क भी ले रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह शुल्क सड़क बाधा के लिए तय किया गया है, क्योंकि रैली-जुलूस या पंडाल की वजह से ट्रैफिक प्रभावित होता है।
महापौर का बयान
रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रैली-जुलूस की अनुमति शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही दी जा रही है। चार विभागों की एनओसी के बिना आवेदन स्वीकार नहीं होगा। अगर लोगों को दिक्कत हो रही है तो निगम संबंधित विभागों को पत्र लिखेगा।
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