कांग्रेस के शासनकाल में घोटाले की गठरी से ईडी ने एक और घोटाला निकाला है भारतमाला घोटाला। रायपुर से विशाखापत्तनम को जोड़ने वाली प्रस्तावित भारतमाला राष्ट्रीय सड़क योजना में भूमि अधिग्रहण के मामले हुए घोटाले को लेकर हरमीत खनूजा सहित आठ अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जाता है कि हरमीत खनूजा ने राजस्व विभाग के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने में माहिर व्यक्ति था। इतना कह देने से केवल हरमीत खनूजा अकेले पाप का भागीदार नहीं बन जाता है।
तत्कालीन राजस्व मंत्री सहित राजस्व सचिव भी इस मामले में बराबरी के भागीदार है। हरमीत खनूजा को भारत माला सड़क योजना में आने वाली प्रस्तावित भूमि की जानकारी लीक की गई थी।इसी के आधार पर बड़ी भूमि को छोटे छोटे हिस्से में बटांकित कर बंदरबांट की गई थी। लाखों की जमीन का करोड़ों में मुआवजा लिया गया। ईडी की जानकारी में बात आने के बाद कांग्रेस शासनकाल में हुआ भारतमाला घोटाला शराब,कोयला, डीएमएफ के बाद चौथा बड़ा घोटाला है।
फिलहाल ईडी इसकी जांच केवल रायपुर जिले के अभनपुर में हुए घोटाले की कर रही है अंदेशा ये है कि रायपुर से लेकर धमतरी,कांकेर, कोंडागांव,ज़गदलपुर, दंतेवाड़ा सहित भारतमाला राष्ट्रीय सड़क योजना अंतर्गत जिन जिन जिलों के गांव आए है उनकी जांच होना चाहिए। कांग्रेस शासनकाल में इस योजना से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि छत्तीसगढ़ में बाहरी आईएएस और आईपीएस अधिकारियों सहित अनेक मंत्रियों ने भारत माला सड़क योजना में प्रस्तावित जमीन को पहले से कम दर में खरीद कर रख लिया था और बाद में दो नंबर के पैसे को एक नंबर में बदल लिया गया है। ईडी को ऐसे लोगों की सूची मिल चुकी है।संभवतः नया साल का जनवरी माह नए व्यक्तियों के यहां छापे के साथ शुरू होगा
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