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मनीष जिंदल केस में जिला कोर्ट का बड़ा फैसला, बुजुर्ग माता-पिता को दिया जाएगा 50 लाख का मुआवजा, मृतक का ITR बना आधार

Indore News: इंदौर निवासी 29 वर्षीय मनीष जिंदल की 5 फरवरी 2021 को कार हादसे में मौत हो गई थी. मनीष अपने दोस्‍तों के साथ मांडव जा रहे थे, तभी अचानक चालक के संतुलन खाेने से कार पलट गई. इसके बाद उन्‍हें गंभीर हालत में शैल्‍बी अस्‍पताल में ले जाया गया जहां इलाज के दौरन उन्‍होंने दम तोड़ दिया. मनीष परिवार का इकलौता बेटा था, इस हादसे से माता- पिता और छोटी बहन को गहरा सदमा लगा.

माता-पिता ने लगाई कोर्ट से गुहार
बेटे की मौत के बाद माता- पिता ने 26 फरवरी 2021 को जिला कोर्ट में 1.20 करोड़ रुपए के मुआवजे की याचिका लगाई़. उनका कहना था कि बेटा स्‍वस्‍थ, युवा और 40 हजार रुपये महिने कमाता था. अब परिवार की रोजी-रोटी और वृद्वावस्‍था का सहारा छिन गया है. वहीं दूसरी ओर, इंश्‍योरेंस कंपनी ने दलील दी है कि दुर्घटना लापरवाही से हुई और एफआईआर भी 10 दिन बाद हुई, इसलिए कंपनी जिम्‍मेदार नहीं है.

इनकम टैक्‍स रिर्टन से साबित हुई आय
पीड़ित पक्ष के वकील राजेश खंडेलवाल ने कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया. इनकम टैक्‍स विभाग के अधिकारी ने भी मनीष के 2019- 20 के रिर्टन की पुष्टि की, जिसमेें उसकी सालाना आय 3.69 लाख बताई गई. कोर्ट ने माना कि आयकर अधिनियम के तहत यही प्रमाण पर्याप्‍त है और मनीष की वास्‍तविक आय और भविष्‍य की संभावनाओं का आकलन इसी आधार पर किया जाएगा.

कोर्ट का अंतिम फैसला
करीब सवा साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने मनीष की उम्र और आय को ध्‍यान मे रखते हुए नियमों के अनुसार 43.94 लाख रुपए का मुआवजा तय किया है. साथ ही ब्‍याज और अन्‍य मदों को जोड़कर कुल क्‍लेम राशि लगभग 50 लाख रुपए हुई. यह रकम उनके माता-पिता को जीवनयापन और सहारे के रूप में दी जाएगी.

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