Maharastra Politics: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने गठबंधन कर लिया था. जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया. इस दौरान कांग्रेस के सभी 12 पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर ली. इसकी जानकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने दी है.
इन दिनों महाराष्ट्र की सियासत में गजब ही खेला देखने को मिल रहा है. जो देश के किसी कोने में नहीं हुआ वह महाराष्ट्र के अंबरनाथ में देखने को मिला. यहां पहले भाजपा-कांग्रेस ने ही स्थानीय चुनाव के बाद गठबंधन कर लिया. जब बात आलाकमान तक पहुंची तो कांग्रेस ने अपने सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया. इसके बार एक बार फिर हलचल मची, जब सभी निलंबर कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा ज्वाइन कर ली.
कांग्रेस मुक्त हुआ अंबरनाथ
अंबरनाथ में इस सियासी खेल की वजह से एकनाथ शिंदे को अंबरनाथ की सत्ता से दूर कर दिया गया. तो वहीं अंबरनाथ को कांग्रेस मुक्त कर दिया गया. भाजपा ने एक साथ कई सियासी खेल खेला. यानी कहा जा सकता है कि चाहे गठबंधन रहे या टूटे इसमें सिर्फ और सिर्फ भाजपा को ही फायदा मिला.
किस दल के पास कितने पार्षद?
बता दें, अंबरनाथ नगरपालिका में कुल 59 सीटे हैं, जिसमें से शिंदे गुट की शिवसेना के पास सबसे ज्यादा 27 पार्षद हैं. इसके अलावा दूसरे नंबर भाजपा के पास 14 पार्षद, कांग्रेस के पास 12, 1 निर्दलीय और एनसीपी के पास 4 पार्षद हैं. जिसमें में किसी भी दल को सत्ता हासिल करने के लिए 30 पार्षदों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में भाजपा ने कांग्रेस, एनसीपी और निर्दलीय के साथ मिलकर मिलकर 31 पार्षद बना लिए. मेयर भाजपा की तेजश्री करुणजले पाटिल ने प्रत्यक्ष चुनाव जीता था. हालांकि सबसे ज्यादा पार्षदों वाली शिंदे गुट की पार्टी शिवसेना ने कड़ी नाराजगी जताई है.
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