Cough Syrup Deaths: एमपी में बच्चों की मौत का आंकड़ा 19 पहुंचा, नागपुर में भर्ती मरीजों का खर्च उठाएगी सरकार, पीड़ित परिजनों को 1-1 लाख की मदद

Cough Syrup Case: मध्य प्रदेश में कफ सिरप से एक और बच्चे की मौत का मामले सामने आया है. अब ये आंकड़ा 19 पहुंच चुका है. छिंदवाड़ा के तामिया की रहने वाली डेढ़ साल की धानी डेहरिया का नागपुर में इलाज चल रहा था. जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. धानी को 26 सितंबर को नागपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

डॉक्टर प्रवीण सोनी ने किया था इलाज
धानी डेहरिया की मौत की वजह किडनी फेल होना बताया जा रहा है. धानी के पिता नवीन डेहरिया ने बताया कि नागपुर रेफर करने से बेटी का इलाज परासिया में डॉक्टर प्रवीण सोनी से कराया था. धानी को भी कोल्ड्रिफ सिरप दिया गया था, जो जांच के घेरे में है. छिंदवाड़ा में ही मौत का आंकड़ा 17 पहुंच गया है.

मरीज बच्चों के इलाज खर्च उठाएगी सरकार
वर्तमान में मध्य प्रदेश के 8 बच्चों का इलाज नागपुर के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इन बच्चों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी. जिन बच्चों का इलाज चल रहा है, उनके परिजनों को सरकार एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी. इसके अलावा तीन अधिकारी और कर्मचारियों की टीम गठित की गई है जो नागपुर में रहकर बच्चों के इलाज में परिजनों मदद करेगी और उन्हें हर प्रकार की सहायता मुहैया कराएगी.

‘कोल्ड्रिफ’ के बाद दो और कफ सिरप पर बैन
एमपी सरकार ने ‘कोल्ड्रिफ’ के बाद दो और कफ सिरप रिलाइफ और रेस्पीफ्रेश टीआर पर बैन लगा दिया है. दोनों दवाओं में तय मानक यानी 0.1 फीसदी से ज्यादा डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया है. राज्य सरकार ने गुजरात शासन को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा है. कफ सिरप से मौत के बाद सरकार ने 19 दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे थे, उनमें से ये दो दवा हैं. जिन दो दवाओं पर बैन लगाया गया है, दोनों गुजरात में बनी हैं.

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