एक युवक ने 50 लाख का क्लेम उठाने के लिए खुद को मरा हुआ बता दिया। ये रुपए लेने के लिए उसने श्मशान घाट से दाह संस्कार की फर्जी पर्ची तक बनवा दी। मामला बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने का है। जब बैंक ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि मांगीलाल ज्याणी जिंदा है। इसके बाद मामला दर्ज करवाया गया। पुलिस ने मांगीलाल को गिरफ्तार कर लिया है।
50 लाख रुपए का लिया था टर्म इंश्योरेंस
बंधन लाइफ इंश्योरेंस के लीगल ऑफिसर सौरभ कुमार की ओर से जयनारायण व्यास कॉलोनी पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया था। उन्होंने बताया कि मांगीलाल श्रीगंगानगर का रहने वाला है। मांगीलाल ने 9 अगस्त 2023 को 50 लाख रुपए का टर्म लाइन रिस्क इंश्योरेंस प्लान लिया था। इसकी महीने की किश्त 1221 रुपए मासिक थी। दो किश्त जमा होने के बाद 14 अक्टूबर 2023 को बताया गया कि मांगीलाल की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। इसके बाद परिचित की ओर से इंश्योरेंस के पैसे के लिए क्लेम किया गया।
बैंक में दिया डेथ सर्टिफिकेट
जब बैंक की ओर से मांगीलाल की मौत को लेकर डॉक्युमेंट मांगे गए तो फर्जी डेथ सर्टिफिकेट कंपनी को पेश किया गया। डेथ सर्टिफिकेट नगर निगम बीकानेर से तैयार करवाया हुआ था। इतना ही नहीं परिचित ने मांगीलाल के दाह संस्कार की पर्ची भी तैयार करवा बैंक को दे दी थी। लीगल ऑफिसर ने बताया कि जब बैंक की ओर से इसकी पड़ताल की गई तो गड़बड़ मिली। उसके घर और बाकी जगह पर जब पता किया तो काेई बता नहीं पाया कि मांगीलाल की मौत कैसे हुई। जांच में सामने आया कि मांगीलाल जिंदा है। इस पर उसके जिंदा होने के सबूत शामिल कर थाने में मामला दर्ज करवाया गया। इसके बाद मांगीलाल को गिरफ्तार किया गया।
कैसे बना फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र?
नगर निगम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे जारी हुआ? इसकी भी जांच की जा रही है। किन लोगों ने प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रयास किया और कागजात पेश किए। इस मामले में लिप्त मांगीलाल के दोस्तों का पता लगाया जा रहा है। इस मामले में जांच व्यास कॉलोनी पुलिस के एसआई देवेन्द्र सोनी कर रहे हैं। धोखाधड़ी से कागज बनाने वाले कुछ और लोगों की धरपकड़ हो सकती है।
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