सबको मालूम है ये शराब घोटालेबाज है!

भारत के किसी भी राज्य में आजादी के बाद ऐसा घोटाला सुनने में नहीं आता जिसमें किसी एक विभाग के जिले के जिलाधिकारी घोटाले में फंसे हो।कांग्रेस राज ने ऐसा घोटाला छत्तीसगढ़ में हुआ और हाल ये है कि आबकारी मंत्री जेल में है।आबकारी विभाग के सचिव सहित अनेक प्रथम श्रेणी के अधिकारी जेल यात्रा कर आए है।इनमें से एक अमरपति त्रिपाठी की आत्मा एक प्रदेश में शांत नहीं हुई तो पड़ोस के राज्य झारखंड में भी घोटाला कर आए। इन्हें झारखंड ले जाने के लिए प्रोडक्शन वारंट आ चुका है।

आज जब एक तरफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी छत्तीसगढ़ के प्रवास पर थे दूसरी तरफ न्यायालय में कांग्रेस शासनकाल में हुए अरबों के शराब घोटाले का 2300 पेज का चालान पेश हो रहा था। अगर ये संयोग है तो गजब का संयोग है। बात आती है एक विभाग के नब्बे फीसदी क्लास 2 अफसरों के घोटाले की। छत्तीसगढ़ राज्य में 33जिले है। इन जिलों में शराब के विपणन के लिए सहायक उपयुक्त,आबकारी अधिकारी की नियुक्ति होती है। कुछ जिलों में प्रभारी आबकारी अधिकारी भी कार्यरत है। इन सभी को शराब घोटाले में आरोपी बनाया गया है।

29 आबकारी अधिकारियो में 3 आबकारी उपयुक्त जी इस निरूटी, एस. एल. ध्रुव और वेदराम लहरें सहित 3 आबकारी अधिकारी जे आर मांडवी, देवलाल वैद्य और ए के अनंत रिटायर हो गए है। 62 साल की उम्र के बाद जेल जाने की नौबत आ रही है। 4 उपयुक्त, 8 कार्यरत सहायक उपायुक्त सहित 3जिला आबकारी अधिकारी और 3 सहायक आबकारी अधिकारी है। इनमें नीतू नूरानी (उपायुक्त),मंजुश्री कसेर और सोनल नेताम सहायक आबकारी अधिकारी महिला है। इन सभी को जांच एजेंसी ने सोमवार को कोर्ट में उपस्थित रहने को सम्मन भेजा था लेकिन गिरफ्तारी के डर से आए नहीं। इनको 20 अगस्त 2025 को अनिवार्य रूप से कोरी के ऑर्डर अनुसार उपस्थित होना है।

इन सभी पर दो नंबर की शराब बिक्री में सहयोग करने और भ्रष्ट्राचार के प्रमाणित आरोप लगे है। कांग्रेस शासनकाल में जब केंद्रीय जांच एजेंसी प्रदेश भर में छापेमारी कर रही थी तब इन अधिकारियों को सर्किट हाउस में बैठक के बहाने निरंजन दास और अमर पति त्रिपाठी ने बुलाकर मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत करवाने गए थे। जवाब भी मिला था, अरे जाओ थोड़े दिन जेल में आराम करना, पिकनिक मनाना जैसे सौम्या चौरसिया, मना रही है फिर बाहर आओगे तो मलाईदार पोस्टिंग हो जाएगी।
अब जेल भी जाना है, पिकनिक तो नहीं मानेगी। मच्छर काटेंगे,साढ़े पांच बजे उठकर भारतीय शैली के खुले लेट्रिंग में बैठना होगा, प्रार्थना करनी पड़ेगी।

पानी वाला दाल, मोटा चांवल, लौकी कुम्हड़े की सब्जी के लिए थाली लेकर लाइन लगाना पड़ेगा।रविवार को संतोषी माता का गुड चना मिलेगा। सुबह आठ से दस, बारह से चार, शाम छह से दूसरे दिन के साढ़े पांच बजे तक साढ़े सत्रह घंटे लॉक अप में बंद रहना पड़ेगा। 29अधिकारियों का परिवार कितना भुगतेगा?

सरकारी प्रक्रिया
सामान्य प्रशासन विभाग का नियम है कि जिन शासकीय कर्मचारी के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश होता है, उन्हें तत्काल निलंबित (suspend) कर दिया जाता है। देखते रहिए आबकारी विभाग तक

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