सावधान पाकिस्तान: भारतीय सेना के हाथ जैकपॉट, इतने लाख करोड़ के खरीदे जाएंगे हथियार

देश की सेनाओं को और मजबूत करने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 3 जुलाई को करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी दी है. यह खरीद पूरी तरह से देश में ही होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बख्तरबंद रिकवरी वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, तीनों सेनाओं के लिए कॉमन इन्वेंटरी मैनेजमेंट सिस्टम और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी दी गई है. इससे सेनाओं की ताकत और ऑपरेशनल तैयारी बढ़ेगी.

सेना के लिए खरीदे जाएगे ये हथियार
इसके अलावा नौसेना की सुरक्षा के लिए समुद्र में बिछाई जाने वाली बारूदी सुरंगें, माइन काउंटर मेजर वेसल्स, सुपर रैपिड गन माउंट और पानी के अंदर चलने वाली स्वायत्त नावों की भी खरीद होगी. इससे समुद्री और व्यापारिक जहाजों पर खतरा कम होगा.

भारत-अमेरिका रक्षा समझौता
बुधवार को पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने फोन पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच अगले 10 वर्षों के लिए एक नया रक्षा सहयोग समझौता करने पर सहमति जताई है. बयान में कहा गया, अगली मुलाकात में अमेरिका और भारत 10 साल का नया रक्षा फ्रेमवर्क साइन करेंगे. दोनों पक्षों ने अमेरिका से भारत को की जाने वाली बड़ी रक्षा डील्स और रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक साझेदारी को लेकर भी चर्चा की.

मंगलवार को हुई इस बातचीत में राजनाथ सिंह ने अमेरिका से अपील की कि वो तेजस लड़ाकू विमान के लिए GE F404 इंजन की डिलीवरी में तेजी लाए. इसके अलावा, उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और अमेरिकी रक्षा कंपनी GE Aerospace के बीच भारत में F414 जेट इंजन के संयुक्त निर्माण को लेकर चल रही डील को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की मांग भी की.

Check Also

भाजपा ने केरल चुनाव में दूसरी सूची जारी की, 4 राज्यों में उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की भी घोषणा

भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *