जगदलपुर. लगातार हो रही बारिश का असर अब रेल यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। कोरापुट-किरंदुल रेललाइन पर मल्लिगुड़ा और जराटी स्टेशन के बीच बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। ट्रैक पर पहाड़ का मलबा और भारी पत्थर आ जाने से रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। बता दें कि इससे पहले इसी मार्ग पर 2023 में बड़ा भूस्खलन हुआ था। 17 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद रेल लाइन को बहाल किया गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही वल्टेयर रेल मंडल की टीम को मौके पर तैनात कर दी गई है। रेलवे अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं। ट्रैक की बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी है, जिसके लिए भारी मशीनरी, सैकड़ों मजदूर और संसाधनों को लगाया गया है। भूस्खलन के बाद रेलवे ने एहतियातन दो ट्रेनों को रद्द कर दिया है। 18448 हीराखंड एक्सप्रेस (जगदलपुर-भुवनेश्वर) और 18516 नाइट एक्सप्रेस (किरंदुल-विशाखापट्टनम) यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले रेल सेवा की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
2023 में भी हुआ था बड़ा भूस्खलन
गौरतलब है कि 24 सितंबर 2023 को भी इसी मार्ग पर मानबार और जड़ती स्टेशन के बीच बड़ा भूस्खलन हुआ था। उस समय पहाड़ का मलबा और विशाल पत्थर रेलवे ट्रैक पर आ गिरे थे। लगातार बारिश के चलते मलबा हटाने में भारी दिक्कतें आई थीं। उस हादसे में करीब 25 जेसीबी मशीनें और 450 से अधिक मजदूरों की मदद से 17 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद रेल लाइन को बहाल किया गया था। बीते 10 वर्षों में इसे सबसे गंभीर भू-स्खलन माना गया, जिसने केके रेललाइन को लंबे समय तक ठप कर दिया था। रेलवे प्रशासन फिर से उसी सतर्कता और तत्परता के साथ हालात पर काबू पाने में जुटा है।
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