MP News: मध्य प्रदेश के सागर जिले के मालथौन में सामने आए बहुचर्चित आदिवासी आत्महत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच में काफ़ी प्रगति हो चुकी है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण फॉरेंसिक रिपोर्ट अभी प्राप्त होना शेष है. इसी आधार पर जांच अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया गया है.
कोर्ट को क्या अवगत कराया गया?
कोर्ट को अवगत कराया गया कि जांच के दौरान कई मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिन्हें साइबर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इन रिपोर्ट्स के आने के बाद ही जांच को अंतिम रूप दिया जा सकेगा.
SIT ने कोर्ट को क्या बताया?
- SIT ने कोर्ट को बताया कि संबंधित एक प्रकरण की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और उसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जबकि अन्य मामलों में साक्ष्यों की जांच एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा.
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं.
- उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही SIT पूरे मामले की जांच कर रही है.
पूर्व मंत्री के खिलाफ विधानसभा में उठा था मामला
इस प्रकरण में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह एवं उनके सहयोगियों पर मृतक को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं, जिसको लेकर मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी संवेदनशील बना हुआ है. जांच के बाद यह माना जा रहा है कि पूर्व मंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती है. इस मामले में लगातार कोर्ट सुनवाई कर रहा है और विधानसभा में भी उपनेता प्रतिपक्ष ने इस मामले को उठाया था.
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