छत्तीसगढ़ के युवाओं पर सरकार का बड़ा फोकस: शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप और खेल से बदलेगा भविष्य

रायपुर।छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवा बेहद प्रतिभावान हैं और उनके भीतर नए विचारों की कोई कमी नहीं है। स्टार्टअप के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को कम लागत में अपना काम शुरू करने का मौका देने के लिए कोवर्किंग स्पेस विकसित किए जा रहे हैं, जहां स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा बेहद कम खर्च में अपना सेटअप लगा सकते हैं। खासतौर पर आईटी सेक्टर को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव युवा शक्ति के हाथों ही रखी जाएगी। युवा ही प्रदेश का भविष्य हैं और उनके संकल्प के दम पर छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है।

परीक्षाओं में पारदर्शिता से लौटा युवाओं का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गईं। जब टॉपर्स को सम्मानित किया गया, तो उनके चेहरे पर संतोष साफ नजर आया। युवाओं ने बताया कि पहले पीएससी में भ्रष्टाचार की वजह से उनका भरोसा टूट गया था, लेकिन नई सरकार की सख्त कार्रवाई से सिस्टम पर विश्वास दोबारा लौटा है।

सरकार ने पीएससी परीक्षा को यूपीएससी के पैटर्न पर आयोजित करने का फैसला किया है, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं का चयन केंद्रीय सेवाओं में हो सके। साथ ही व्यापम की परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है, जिससे तय समय पर परीक्षाएं होंगी। विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

दिल्ली यूथ हॉस्टल और कोचिंग योजनाओं से मिल रहा लाभ
दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। फिलहाल यहां 165 छात्र अध्ययनरत हैं। अब तक इस योजना से 164 युवाओं का चयन आईआरएस, सहायक कमांडेंट, डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार सहित कई पदों पर हो चुका है।

युवा उत्थान योजना को अब पूरी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर केंद्रित किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर, प्रतिभाशाली युवाओं को IAS, IPS, CGPSC, SSC, बैंकिंग जैसी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग, स्टडी मटेरियल और हॉस्टल की सुविधा दी जा रही है। इसमें SC, ST, OBC और महिलाओं के लिए आरक्षण भी है।

निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना लागू की गई है, जिसके तहत 100 प्रतिशत मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर मिल रहा है।

नालंदा परिसर और छात्रावासों का उन्नयन
युवाओं की पढ़ाई के लिए नालंदा परिसर को 24×7 अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां डिजिटल संसाधन, शांत अध्ययन कक्ष और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। रायपुर में नालंदा परिसर फेस-2 का 21 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण शुरू किया गया है।

छात्रावास और आश्रमों को अब सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और आदिवासी छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

खेल, रोजगार और उद्यमिता को भी बढ़ावा
सरकार हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम और खेल सुविधाएं विकसित कर रही है। बस्तर ओलंपिक के जरिए लाखों युवाओं को खेल से जोड़ा गया है, जिससे शांति, आत्मविश्वास और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा मिला है।

उद्यम क्रांति और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बिना ब्याज ऋण, अनुदान और आसान प्रक्रिया से युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। आने वाले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपये के निवेश और पांच लाख नए रोजगार की संभावना जताई गई है।

युवाओं के कंधों पर छत्तीसगढ़ का भविष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच और “मोदी की गारंटी” के साथ राज्य में शिक्षा, कौशल, खेल और रोजगार की मजबूत व्यवस्था तैयार हो रही है। साफ है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का भविष्य उन युवाओं के हाथों में होगा, जिन्हें आज अवसर, भरोसा और सही दिशा दी जा रही है।

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