भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि इस दौरान नौसेना समुद्र के रास्ते पाकिस्तान पर हमला करने के बेहद करीब पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि हमला करने से कुछ ही मिनट पहले पाकिस्तान की ओर से सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
नौसेना अलंकरण समारोह के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय नौसेना की तत्परता, तेज तैनाती और आक्रामक रणनीति को स्पष्ट रूप से दर्शाया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान नौसेना की यूनिट्स पूरी तरह तैयार थीं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्षम थीं।
एडमिरल ने कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए भारतीय नौसेना ने देश के विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने यह भी बताया कि बीते एक साल में नौसेना में 12 नए जहाज और पनडुब्बियां शामिल की गई हैं, जिससे उसकी ताकत और बढ़ी है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव के कारण समुद्री क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस दौरान 20 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए हैं और करीब 1900 जहाज फंसे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर भी बड़ा असर पड़ा है। जहां पहले रोजाना करीब 130 जहाज गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर महज 6 से 7 रह गई है।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में समुद्र अब सिर्फ पारंपरिक युद्धक्षेत्र नहीं रह गया है, बल्कि यह रणनीतिक शक्ति प्रदर्शन और टकराव का प्रमुख मंच बनता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक और बदलती युद्ध रणनीतियों ने सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बना दिया है।
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