Bengal Election 2026: चुनाव आयोग ने रविवार, 15 मार्च को पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के तारीखों और कितने चरणों में मतदान होंगे. इसको लेकर ऐलान कर दिया है. पश्चिम बंगाल में इस बार केवल 2 चरणों में ही चुनाव कराए जाएंगे. चुनाव आयोग के इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि इससे पहले विधानसभा चुनाव में कुल 8 चरणों में बंगाल मतदान हुए थे. सिर्फ विधानसभा ही नहीं बल्कि लोकसभा चुनाव 2024 भी 6 चरणों में मतदान हुए थे. इसलिए इस बार सिर्फ 2 चरणों में मतदान को लेकर हर कोई हैरान है. हालांकि, चुनाव आयोग के इस फैसले का भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्वागत किया है.
बंगाल चुनाव में दो चरणों में मतदान को लेकर जहां राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, वहीं भाजपा ने चुनाव आयोग के इस फैसले का समर्थन किया है. जानकारी के अनुसार, भाजपा ने ही चुनाव आयोग से बंगाल में एक ही चरण में चुनाव कराने की मांग थी.
भाजपा क्यों मान रही मौका?
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का मानना है कि अगर कम चरणों में चुनाव होगा तो टीएमसी के कैडर की आवाजाही कम हो जाएगी. जिसका असर चुनाव में देखने को मिलेगा. पार्टी का मानना है कि टीएमसी अधिक चरणों में मतदान होने की वजह से अपनी ताकत का चुनावी फायदा उठाती है. लेकिन अब सिर्फ दो चरणों में चुनाव होंगे, इससे टीएमसी की रणनीति सीमित होने की संभावना है.
दो चरणों में होंगे चुनाव
पश्चिम बंगाल में इस बार 2 चरणों में मतदान होंगे. पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा. लेकिन परिणाम एक साथ ही 4 मई को घोषित किए जाएंगे. एक ओर जहां राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दो चरणों में चुनाव कराने से टीएमसी को नुकसान और भाजपा को फायदा पहुंच सकता है, तो वहीं दूसरी ओर टीएमसी का दावा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ खड़ी है और इस बार भी टीएमसी की जीत तय है.
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