Effigy Burning: राष्ट्रपति के कथित अपमान पर सियासत गरम,बिलासपुर में भाजपा का ममता बनर्जी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन..

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के कथित अपमान को लेकर अब देशभर में सियासत गरमा गई है। (Effigy Burning) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन कियादरअसल मार्च 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दार्जिलिंग में आयोजित एक आदिवासी सम्मेलन में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम के बाद वहां की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने निराशा जताई थी।

ममता बनर्जी पर एससी-एसटी एक्ट लगाने की मांग,बिलासपुर में भाजपा का विरोध (Effigy Burning)
इसके बाद से ही मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। भाजपा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति के सम्मान और आदिवासी समाज की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।इसी कड़ी में बिलासपुर के पुराने बस स्टैंड पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।

प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।भाजपा नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ राष्ट्रपति का नहीं बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस मुद्दे पर देश की राजनीति गरमा गई है।

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