असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कोलकाता में आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान जिस तरह से ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया, सरकारी फाइलें उठाईं और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, वह बेहद चिंताजनक है और इससे उन्हें राजनीतिक रूप से फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही होगा।
गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम हिमंत ने कहा कि किसी भी छापेमारी स्थल को अपराध स्थल की तरह देखा जाना चाहिए। ऐसे में वहां किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का इस तरह से दखल देना और फाइलें ले जाना जनता के बीच गलत संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इससे सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई मौजूदा मुख्यमंत्री जांच के दौरान इस तरह का व्यवहार करता है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम हिमंत ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन यह घटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं से परे है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में ईडी ने आई-पैक प्रमुख से जुड़े आवास और कार्यालय पर छापेमारी की थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक मौके पर पहुंच गई थीं, जिससे वहां काफी हंगामा हुआ। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय एजेंसी चुनाव से पहले उनकी पार्टी से जुड़ा संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही है।
ईडी की ओर से कहा गया है कि यह छापेमारी कथित कोयला घोटाले की जांच का हिस्सा थी और जांच के दौरान बाधा डालने का आरोप भी लगाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और राज्य की राजनीति में एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।
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