ओडिशा सरकार पर भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के टेलीफोन बिल का करोड़ों रुपये का बकाया लंबे समय से लंबित है। लगातार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद अब तक राज्य सरकार की ओर से पूरा भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण BSNL की वित्तीय स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 के अंत तक ओडिशा सरकार के विभिन्न विभागों पर BSNL का कुल बकाया 28.54 करोड़ रुपये हो गया था। संचार मंत्रालय और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कई बार पत्र भेजे जाने के बावजूद भुगतान में देरी बनी हुई है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को भेजे पत्र में कहा था कि BSNL ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में दूरसंचार सेवाएं देने में अहम भूमिका निभाता है। यह सशस्त्र बलों, सरकारी विभागों, बैंकों और अन्य संस्थानों को भी सेवाएं प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि BSNL की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने पहले भी कई पुनरुद्धार पैकेज दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमित संचालन के लिए स्थिर आय आवश्यक है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि बकाया राशि का समय पर भुगतान न होने से BSNL की सेवाओं और नेटवर्क विस्तार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण राज्य सरकार से जल्द भुगतान करने का अनुरोध किया गया था।
आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक बकाया सूचना और जनसंपर्क विभाग पर है, जिस पर करीब 8.59 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके बाद कानून विभाग पर 4.42 करोड़ रुपये की देनदारी है। शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, गृह और ग्रामीण विकास विभागों पर भी एक करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है।
नवंबर 2025 में रिमाइंडर भेजे जाने के बाद कुछ विभागों ने आंशिक भुगतान किया, जिससे बकाया राशि में थोड़ी कमी आई। हालांकि अब भी बड़ी रकम लंबित बनी हुई है। मई 2025 तक राज्य का कुल बकाया करीब 80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
इस बीच दिसंबर में राज्य सरकार ने विधायकों की सैलरी में तीन गुना से अधिक की बढ़ोतरी की थी। विधायकों का वेतन 1.11 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.45 लाख रुपये कर दिया गया, जो देश में सबसे अधिक वेतनों में शामिल है। इस फैसले के बाद सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर भुगतान न होने से BSNL की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और इससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकार पर जल्द बकाया चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है।
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