आम आदमी पार्टी के नेता नरेंद्र नाग को बस्तर में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ पार्टी के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने बिना कारण बताए उन्हें घर से उठाया और उनके ठिकाने की जानकारी भी नहीं दी गई।
पार्टी नेताओं का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल संकट और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी की जा रही थी। प्रशासन को ज्ञापन, धरना और जनसंवाद के माध्यम से कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान के बजाय आंदोलन करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

पार्टी नेता समीर खान ने कहा कि यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाए तो जनता को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका आरोप है कि बस्तर संभाग में जनहित और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
पार्टी के एक अन्य नेता बल्लू भवानी ने कहा कि कार्यकर्ताओं को अवैधानिक रूप से हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि वह जनहित के मुद्दों पर संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter