जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को 30 साल पुराने मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को 1996 के एक पुराने जम्मू-कश्मीर मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला श्रीनगर के शेरगढ़ी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शब्बीर को मार्च में ही दो मामलों में जमानत मिली थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को 1996 के एक पुराने मामले (nia action 1996 case) में गिरफ्तार किया है। यह मामला जम्मू-कश्मीर से जुड़ा है और काफी समय से जांच के दायरे में था।
1996 में पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप के मामले में एनआईए की श्रीनगर ब्रांच ने शब्बीर अहमद शाह को गिरफ्तार कर दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से 3 दिनों की ट्रांजिट रिमांड लेकर शब्बीर शाह को एनआईए जम्मू कश्मीर ले गई।
जिसके बाद अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। गिरफ्तारी के बाद शब्बीर शाह को शुक्रवार शाम पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर NIA को सौंप दिया है। अब उन्हें सोमवार को जम्मू-कश्मीर की एक अदालत में पेश किया जाएगा, जहां इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी। शब्बीर शाह को मार्च में सुप्रीम कोर्ट और पटियाला हाउस कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में जमानत दी थी। 39 साल तक हिरासत और नजरबंद रहने के बाद शब्बीर शाह को जमानत मिली थी।
शब्बीर शाह लंबे समय से कानून के दायरे में रहे हैं। बताया जाता है कि वे करीब 39 साल तक नजरबंदी, हिरासत और जेल में रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी और रिहाई को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और कानूनी बहस भी होती रही है।
यह मामला 17 जुलाई 1996 को श्रीनगर के शेरगढ़ी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। आरोप है कि उस दिन मारे गए आतंकियों के जनाजे के दौरान नारेबाजी हुई थी, जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई। इसी दौरान कुछ आतंकियों ने गोलीबारी की, जिसमें सुरक्षा बलों के जवान घायल हो गए थे।
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