प्रदेश में आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की फीस में बढ़ोतरी की मांग को लेकर निजी स्कूल संचालकों का विरोध तेज हो गया है। इसी के चलते आज पूरे राज्य में निजी स्कूल बंद रखे गए हैं। इससे पहले स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया था।
निजी स्कूल प्रबंधन से जुड़े संगठनों का कहना है कि आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में लंबे समय से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसे लेकर वे लगातार शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस कारण स्कूल संचालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई तो लॉटरी के माध्यम से चयनित बच्चों को प्रवेश देने में भी समस्या आ सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में तय की गई राशि वर्षों पुरानी है और बढ़ती लागत के बीच स्कूल संचालन में कठिनाई हो रही है।
जानकारी के अनुसार, कक्षा पहली से पांचवीं तक प्रति विद्यार्थी 7 हजार रुपए और छठवीं से आठवीं तक 11,400 रुपए प्रतिवर्ष प्रतिपूर्ति के रूप में दिए जाते हैं, जो 2011 से ही लागू है। स्कूल संचालकों का कहना है कि इस राशि में अब तक कोई संशोधन नहीं हुआ है।
प्रबंधन ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, राज्य में गर्मी को देखते हुए 20 अप्रैल से स्कूलों में छुट्टियां भी घोषित की जा चुकी हैं।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter