Ambikapur: सरगुजा मुख्यालय अंबिकापुर से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला को प्रेम विवाह करने की ऐसी सजा मिली कि मौत के बाद भी समाज और परिजनों ने उसे स्वीकार नहीं किया. महिला के निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार के लिए न तो परिवार आगे आया और न ही समाज के लोग, जिसके बाद अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने पहल करते हुए महिला का अंतिम संस्कार कराया.
महिला का मौत के बाद भी हुआ सामाजिक बहिष्कार
जानकारी के अनुसार, शंकरनगर निवासी सावित्री बाई के पहले पति की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी. इसके बाद उन्होंने अपनी इच्छा से एक अन्य व्यक्ति से प्रेम विवाह कर लिया था. इस विवाह के बाद समाज के लोगों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया था और परिवार से भी उनका रिश्ता लगभग समाप्त हो गया था. अब सावित्री बाई की मृत्यु के बाद भी सामाजिक बहिष्कार की यह स्थिति बनी रही. उनके अंतिम संस्कार के लिए न तो परिजन आगे आए और न ही समाज के लोगों ने जिम्मेदारी ली. काफी देर तक अंतिम संस्कार नहीं होने की स्थिति बनी रही.
महापौर ने कराया अंतिम संस्कार
मामले की जानकारी मिलने पर अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था कराई और महिला को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दिलाई.
यह घटना समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है. प्रेम विवाह जैसे व्यक्तिगत निर्णय के कारण किसी महिला का जीवनभर सामाजिक बहिष्कार और फिर मृत्यु के बाद भी सम्मानजनक अंतिम संस्कार से वंचित रह जाना संवेदनशील सामाजिक सोच पर प्रश्नचिह्न लगाता है. फिलहाल यह मामला पूरे अंबिकापुर में चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोग भी इस घटना को समाज के लिए शर्मनाक बताते हुए ऐसी मानसिकता पर सवाल उठा रहे हैं.
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