वाराणसी. जिले के रोहनिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक युवती को वाहन में जबरन बैठाकर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की. नेशनल हाईवे पर भदवर स्थित हेरिटेज अस्पताल के सामने हुई इस घटना के वीडियो से युवती के अपहरण की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर जानकारी जुटाई.
वीडियो में कुछ लोग युवती को वाहन में बैठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि युवती प्रयागराज की रहने वाली है और उसे उसके पिता व परिजन अपने साथ ले गए थे.
वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की. वीडियो में युवती को ले जाते समय सड़क पर हंगामा दिखाई दे रहा था, जबकि मौके पर पुलिस नजर नहीं आ रही थी.
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि युवती बालिग है. पुलिस के अनुसार यह अपहरण का मामला नहीं है और घटना में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा युवती को उठाकर ले जाने की बात सामने नहीं आई.
परिजन खोजते हुए पहुंचे
रोहनिया थाना प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह के अनुसार युवती प्रयागराज की रहने वाली है. वह अपने एक रिश्तेदार के साथ बिना बताए वाराणसी आ गई थी, जिसके बाद उसके पिता और परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे.
पुलिस के अनुसार तलाश के दौरान परिजनों की नजर युवती पर पड़ी. उन्होंने वाहन रोककर पहले उसे समझाने और साथ चलने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन युवती जाने के लिए तैयार नहीं हुई.
इसके बाद पिता और परिवार के लोग उसे जबरदस्ती वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए. इसी घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
पुलिस ने वाहन नंबर से की जांच
वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसमें दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर युवती के पिता से संपर्क किया. पूछताछ में घटना के संबंध में जानकारी सामने आई.
थाना प्रभारी के मुताबिक इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के आधार पर सामने आया घटनाक्रम युवती के अपहरण का मामला नहीं है.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter