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करोड़ों की संपत्ति वाले महाराष्ट्र के विधायक बने भिखारी! सड़क पर मांगी भीख, लोगों ने पहचान तक नहीं पाया

MLA beggar Experiment: देश की सड़कों पर आप जब भी चलते होंगे, आपने देखा होगा कि कई लोग अपने गुजर-बसर के लिए भीख मांगते नजर आते हैं. ऐसा भी कई बार देखा होगा कि उनकी हालत बहुत खराब होती है. इन सब में आप यह भी जानते होंगे कि नेताओं के पास पैसों की कोई कमी नहीं होती है. उनके पास करोड़ों रुपये की गाड़ियां और बंगले होते हैं. उन्‍हें उन भ‍िखार‍ियों के जीवन की न तो कठिनाइयों के बारे में पता होगा न ही उनके रहन सहन के बारे में कोई जानकारी होगी. इन्हीं सब चीजों को जानने के लिए महाराष्ट्र पराग शाह ने खुद ही भ‍िखारी वाला भेष धारण कर लिया.

महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी कर दिया. जिस विधायक के पास करोड़ों की संपत्ति है, वही एक दिन के लिए अपना आलीशान जीवन छोड़कर सड़कों पर भिखारी के रूप में नजर आया. उन्होंने लोगों से भीख मांगी और लोगों से मिले खाने को खाया. हालांकि इस दौरान उन्‍हें कोई पहचान नहीं पाया. अब उनकी तस्वीरें और वीडियो चर्चा में हैं.

विधायक पराग शाह बने भिखारी
महाराष्ट्र के घाटकोपर ईस्ट से विधायक पराग शाह की है. पराग शाह को राज्य के सबसे अमीर विधायकों में गिना जाता है. उनकी घोषित संपत्ति हजारों करोड़ रुपये में बताई जाती है. ऐसे में जब लोगों ने उन्हें सड़क पर साधारण कपड़ों और बदले हुए हुलिए में देखा तो कई लोग उन्हें पहचान ही नहीं पाए.

दरअसल, यह पूरा मामला किसी मजबूरी का नहीं बल्कि एक धार्मिक और सामाजिक अनुभव से जुड़ा है. जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान उनके गुरु नम्रमुनि ने उन्हें भिखारी के जीवन को करीब से समझने के लिए एक दिन उसी तरह रहने की सलाह दी.

गुरु की बात मानते हुए पराग शाह ने अपना रूप बदला और सुरक्षा व्यवस्था समेत अपनी तमाम सुविधाओं से दूरी बना ली. इसके बाद वह घाटकोपर की सड़कों पर आम आदमी की तरह निकल पड़े. उन्होंने लोगों के सामने हाथ फैलाकर भिक्षा मांगी और उसी के जरिए भोजन प्राप्त करने का अनुभव लिया.

जब लोगों को पता चला असली पहचान
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि सड़क पर मौजूद ज्यादातर लोगों को अंदाजा तक नहीं था. उनके सामने खड़ा व्यक्ति कोई आम भिखारी नहीं, बल्कि करोड़ों की संपत्ति वाला विधायक है. जब बाद में उन्होंने कुछ लोगों के सामने अपनी पहचान बताई तो लोगों के लिए भी यह किसी चौंकाने वाले अनुभव से कम नहीं था.

पराग शाह का कहना है कि इस अनुभव ने उन्हें समाज के उस वर्ग के जीवन को करीब से देखने का मौका दिया, जिसे आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं.

व‍िवादों से भी रहा है पराग का नाता
साल 2025 के दिसंबर महीने में भी पराग शाह का एक वीड‍ियो वायरल हुआ था. हालांकि उस समय व‍िधायक को पहचानने के लिए लोगों को कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी थी. वायरल वीडियो में पराग शाह अपने समर्थकों से घिरे हुए एक ऑटो-रिक्शा चालक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे थे.

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