भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाला:चार आरोपियों को हाईकोर्ट ने दी जमानत, तीन माह से रायपुर जेल में बंद थे सभी आरोपी

भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाला में जेल में बंद 4 आरोपी हरमीत खनूजा, उमा देवी तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन की नियमित जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। सभी आरोपी पिछले तीन माह से रायपुर जेल में बंद थे। केस की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में हुई।

बता दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाला केस में EOW ने दो दिन पहले ही जल संसाधन विभाग के 2 अधिकारी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड अमीन गोपाल राम वर्मा, नरेन्द्र कुमार नायक, खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू और कुंदन बघेल शामिल हैं। इस केस में अबतक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरफ्तार आरोपियों ने हाईकोर्ट में लगाई थी जमानत अर्जी
इधर, इस मामले में बीते अप्रैल माह में गिरफ्तार हरमीत खनूजा, विजय, उमा और केदार ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने EOW से केस डायरी मंगाई थी। शुक्रवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई।

इस दौरान एडवोकेट सरफराज खान सहित अन्य वकीलों ने तर्क देते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ जमानत न देने का कोई वैधानिक कारण नहीं है। मुख्य न्यायाधीश ने दलीलों और दस्तावेज़ों की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट करते हुए नियमित जमानत दी, कि यह कोई अंतरिम राहत नहीं है बल्कि, कानूनी अधिकार के तहत जमानत दी जा रही है।

जानिए क्या है भारतमाला परियोजना
भारतमाला परियोजना एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है, जो भारत सरकार की है। इसके तहत नए राजमार्ग के अलावा उन परियोजनाओं को भी पूरा किया जाएगा जो अब तक अधूरे हैं। इसी के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक करीब 463 किमी लंबी नई फोरलेन सड़क बनाई जा रही है।

अब जानिए कैसे हुआ घोटाला
भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।

जानिए मुआवजा घोटाले में कौन है हरमीत
EOW के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि दशमेश इन्स्टा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी तहसीलदार मनप्रीत कौर के पति हरमीत सिंह खनूजा और एसडीएम शशिकांत कुर्रे की पत्नी भावना कुर्रे की कंपनी है। कंपनी हरमीत खनूजा और भावना दोनों कंपनी के डायरेक्टर हैं। पूरे मामले में हरमीत की भूमिका सबसे मुख्य है। हरमीत ने ही अधिकांश किसानों से संपर्क कर उन्हें मुआवजे से ज्यादा पैसा दिलाने का झांसा दिया और उसने जमीन खरीदी थी।

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