Ambikapur: सरगुजा जिले के अंबिकापुर में महादेव बेटिंग ऐप को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. अंबिकापुर में आरक्षक के द्वारा महादेव ऐप का संचालन करवाया जा रहा था. इसका खुलासा एक फरार सटोरी ने वीडियो बनाकर किया है. सोशल मीडिया पर 2 मिनट के वीडियो सामने आया है, जिसमें सटोरी ने कई बड़े खुलासे किए हैं. इसके बाद से सटोरियों और पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है.
महादेव ऐप केस को लेकर बड़ा खुलासा
अंबिकापुर में सट्टा माफिया पहलू मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हो रहा है. अंबिकापुर के सतीपारा निवासी सत्यम केशरी ने वीडियो बनाकर वायरल किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि साल 2023 में आरक्षक नंबर 500 प्रवीण सिंह के महादेव सट्टा का संचालन किया जा रहा था. उसने अंबिकापुर के गाड़ा घाट में किराये का कमरा लिया था, जहां पांच लड़के महादेव सट्टा का काम देखते थे और उन्होंने मिलकर 48 लाख रुपए कमाकर आरक्षक को दिया था. फरार सटोरी ने सट्टा के कारोबार में लिप्त लोगों का नाम गिनाया है और सबका मोबाइल नंबर भी बताया है. वीडियो में 6 से ज्यादा लोगों के नाम बताए गए हैं. इनमें सट्टा माफिया का नाम भी शामिल है, जिसने करोड़ों रुपए सट्टा के माध्यम से कमाया है.
अपना मोबाइल नंबर किया बंद
हालांकि, वीडियो वायरल करने वाले सटोरी ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया है. पुलिस ने सट्टा माफिया पहलू मिश्रा उर्फ अमित मिश्रा और ध्रुवील पटेल की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे किए थे, लेकिन तब पुलिस ने महादेव सट्टा संचालन की जानकारी नहीं दी थी. अब इस वायरल वीडियो के बाद जांच शुरू हो गई है. वायरल वीडियो में सटोरी ने बताया है कि आरक्षक के साथ उसने एक माह काम किया और जब पता चला कि यह काम गलत है तो वह काम छोड़ना चाहता था लेकिन आरक्षक आईजी रेंक के अफसरों तक अपनी पहुंच बताता था.
दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि पहलू मिश्रा पहले ही गिरफ्तार हो गया होता लेकिन पुलिस के कुछ अफसरों का संरक्षण था. इस कारण IG के निर्देश पर रात में अंबिकापुर से पुलिस की टीम रायपुर गई और वहां से पहलू मिश्रा को गिरफ्तार कर अंबिकापुर लाई थी. हालांकि, इसकी जानकारी कागजों में नहीं है. यह सिर्फ एक जानकारी भर है.
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