छत्तीसगढ़ के गांव में खूनी खेल: पुरानी रंजिश के चलते की हत्या, फिर लाश को पूरे गांव में घुमाया

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां एक व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हमले में 9 आरोपी शामिल थे, जो लाठी, डंडा और रॉड से लैस होकर पीड़ित के घर पहुंचे और तांडव मचा दिया. पुलिस ने सभी आरोपियों को महज घंटों में गिरफ्तार कर लिया है.

जानें पूरा मामला
घटना डभरा थाना क्षेत्र के बगरैल गांव की है. 10 अगस्त 2025 शाम करीब 6 बजे गांव के सरकारी बोर का स्टार्टर खराब था. जिसे सर्वेदास महंत ने खुद नया लाकर लगवाया था. यहीं से शुरु हुआ विवाद, जो पुराने झगड़े के ज़हर में बदलकर खून-खराबे तक पहुंच गया.

दरवाजे-खिड़की तोड़कर अंदर घुसे अरोपी
उसी शाम गांव के 9 लोग – पीलादास महंत, रोहिदास महंत, सुफल दास महंत, चमरू दास महंत, कृष्णा दास महंत, मन्नू दास महंत, कमल दास महंत, दुर्जन दास महंत और सुनील दास महंत – एक राय होकर लाठी, डंडा और रॉड लेकर सर्वेदास महंत के घर पहुंच गए. गाली-गलौज की गई, धमकियां दी गई और फिर दरवाजे-खिड़की तोड़कर अंदर घुस आए.

गली में बर्बरता
प्रार्थिया कांती बाई महंत, उनके पति सर्वेदास और बेटे विमल दास को बेरहमी से पीटा गया. विमल के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई. आरोपियों ने सर्वेदास महंत को कपड़े से बांधा, घसीटते हुए सुफल दास महंत के घर के पास गली में ले गए और वहां भी बर्बर पिटाई जारी रखी.

24 घंटे की अंंदर सभी आरोपी गिरफ्तार
पूरे मामले की जानकारी मिलते ही डभरा पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल सर्वेदास महंत को अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

वारदात के बाद पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 257/2025 दर्ज कर लिया है. धारा 103(1), 332(बी), 324(6), 191(1), 191(3), 296, 115(2) और 351(3) बीएनएस के तहत आरोप तय किए गए हैं. फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और महज़ 24 घंटे के अंदर सभी 9 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया.

पुरानी रंजिश के चलते दिया घटना को अंजाम
पूछताछ में सभी ने जुर्म कबूल करते हुए पुरानी रंजिश में हत्या की बात मानी. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया है. डभरा पुलिस की कार्रवाई से यह मामला जल्द सुलझ गया, लेकिन यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुरानी दुश्मनी और आपसी रंजिश कैसे एक मामूली विवाद को खून-खराबे में बदल देती है.

Check Also

CG High Court: नक्सल इलाके में तैनात जवानों के ‘आउट ऑफ़ टर्न’ प्रमोशन का मामला, हाई कोर्ट ने DGP को दिया दो महीने का समय

CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुए बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *