रायपुर। सरकार ने जमीन गाइडलाइन दर में बड़ा बदलाव के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने यह माना कि लोकतंत्र में जनता सब कुछ होती है। जनता के हाथ में सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्ही की सुविधा के लिए सरकार नियम कानून बनाती है और हर नियम-कानून को बनाने के लिए सरकार बहुत मेहनत करती है, लेकिन कभी-कभी जनता के हित की बात की थोड़ी कसर रह जाती है। सीएम साय ने यह परिवर्तन करते हुए माना कि असली सरकार तो वही है, जो जनता के हित के लिए अपने निर्णयों को भी बदल दे। निश्चित रूप से गाइडलाइन दर को लेकर समीक्षा चल रही है। कुछ बिंदुओं पर बदलाव किए जा रहे हैं। हमारी सरकार जनता के हित में हर संभव कार्य करेगी।
जमीन की गाइड लाइन दरों के संबंध में विभिन्न हितधारकों से सुझाव, ज्ञापन एवं प्रस्ताव पर विचार कर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। पहले नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत में निर्मित संपत्तियों के लिए अलग-अलग 21 प्रकार की दरें लागू थीं। अब केवल दो प्रकार की दरें ही लागू होंगी। ग्रामीण कृषि भूमि पर पहले तीन दर मुख्य मार्ग, सिंचित, असिंचित लगती थी। अब केवल दरें मुख्य मार्ग और सिंचित ही लागू, साथ ही असिंचित भूमि का मूल्यांकन सिंचित दर से 20 प्रतिशत कम पर होगा। अनेक दर होने के कारण आम जनों को अपने मकान के बाजार मूल्य की गणना करने में कठिनाई होती थी, अब केवल दो प्रकार की दर होने से गणना करना सरल व सहज हुआ है।
शहरों में वर्ग मीटर दर से मूल्यांकन
नगरीय क्षेत्र में पहले नजूल, आबादी एवं परिवर्तित भूमि पर पूरी तरह वर्गमीटर दर लागू थी। अब कृषि भूमि के लिए लागू प्रावधान नजूल, आबादी एवं परिवर्तित भूमि पर भी लागू होंगे। रायपुर में वार्ड क्रमांक 28 शहीद हेमू कल्याणी वार्ड में वर्ग मीटर दर रुपए 1,95,000 प्रति वर्ग मीटर एवं हेक्टेयर रेट रुपये 6 करोड़ प्रति हेक्टेयर निर्धारित है, इस क्षेत्र में 0.405 हेक्टेयर अर्थात एक एकड़ अथवा 4048 वर्ग मीटर भूमि का मूल्य पूर्व में रुपए 78 करोड़ रुपये होता अब नए उपबंध के अनुसार मूल्य रुपए 2.4 करोड़ रुपये होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में हेक्टेयर दर से मूल्यांकन
पहले ग्रामीण क्षेत्र में परिवर्तित भूमि के लिए सिंचित भूमि का ढाई गुना मूल्य लगता था, यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
शहर से लगे हुए गांवों में पहले 25-37.5 डिसमिल तक कृषि भूमि का मूल्यांकन वर्गमीटर दर से होता था, अब हेक्टेयर दर से ही मूल्यांकन होगा। लाभः ग्राम बरौदा (रायपुर) में पूर्व प्रावधान अनुसार 37.5 डिसमिल कृषि भूमि विक्रय होने पर उसका मूल्य 26.75 लाख रुपये होता जो नए प्रावधान से इसका मूल्य सिर्फ 6.30 लाख रुपये होगा। भूमि पर तालाब, मछली टैंक होने की स्थिति में भूमि दर का 1.5 गुना लेकर मूल्यांकन करने के नियम को हटाया गया। बाउंड्री वॉल पर 400 रुपए रनिंग फीट और प्लिंथ लेवल पर 300 रुपए प्रति वर्गफीट जोड़ने का प्रावधान भी पूरी तरह से समाप्त किया गया।
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