Ambikapur: नवरात्रि पर गरबा का त्योहार अब कोई धार्मिक आयोजन नहीं रह गया है ऐसा इसलिए क्योंकि गरबा के नाम पर व्यापारिक आयोजन किया जा रहे हैं, गरबा में शामिल होने के लिए लोगों से हजार रुपए लिए जा रहे हैं. अंबिकापुर में तो हर साल बड़े शहरों के तर्ज पर गरबा के नाम पर करोड़ों रुपए का व्यापार किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी सरकार को कोई टैक्स नहीं दिया जा रहा है. जीएसटी विभाग के अधिकारी भी मामले में गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं.
अंबिकापुर में GST की खुलेआम चोरी
अंबिकापुर शहर में तीन बड़े होटलों में करोड़ों रुपए खर्च कर गरबा का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें महानगरों की इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों के अलावा बॉलीवुड स्टार होटल लाखों रुपए देकर बुलाया जा रहा है इतना ही नहीं इस आयोजन में शामिल होने के लिए जो टिकट बेचे जा रहे हैं वह भी हजारों रुपए के हैं.
गरबा के नाम पर करोड़ों का धंधा
सबसे बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि आयोजकों के द्वारा चैरिटी करने की बात कही जाती है यानी जो भी आय प्राप्त होगा उसे समाज सेवा में खर्च करने की बात कही जाती है लेकिन ऐसा भी कभी होते हुए दिखाई नहीं देता है। इन सबके बीच सबसे बड़ी बात तो यह है कि गरबा का व्यापारिक आयोजन में कई इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां और बॉलीवुड स्टार अपना मोटा शुल्क लेने के बाद कार्यक्रम में शामिल होते हैं और लोग मनोरंजन करते हैं इसके बावजूद इसकी जांच नहीं की जाती है.
सरकार को नहीं दे रहे टैक्स
जानकारों की माने तो अंबिकापुर में हर साल करीब 5 करोड़ से अधिक रुपए का गरबा का कारोबार हो रहा है और इसमें ₹1 जीएसटी शुल्क सरकार को अदा नहीं किया जा रहा है जीएसटी में कोई पंजीयन रजिस्ट्रेशन नहीं है और ना ही आयोजक कोई ट्रस्ट या रजिस्टर्ड समितियां है यही वजह है कि इनके द्वारा बॉलीवुड स्टार्स और सोशल मीडिया फेरम को बुलाकर लोगों से मनमाना रुपए वसूला जा रहा है.
दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है कि आखिर भक्ति वाले गरबा उत्सव में देवी मां की आराधना की जगह पर अश्लीलता परोसने वाले सितारों को बुलाकर आयोजन क्या बताना और दिखाना चाहते हैं. गरबा का आयोजन हब धार्मिक के बजाय ग्लैमर का तड़का वाला हो गया है यानी आपको अगर तेरी मां की आराधना करनी है तो ऐसे गरबा के आयोजन से दूर ही रहना ठीक है.
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