पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद इलेक्शन कमीशन ने कड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने डीजीपी समेत कई अफसरों को हटा दिया है। इस पर पश्चिम बंगाल की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले पुलिस और प्रशासन को न्यूट्रल कर लीजिए। चुनाव की घोषणा हुए अभी 24 घंटे नहीं बीते हैं, उससे पहले ही डीजीपी, सीपी कोलकाता सहित कई अधिकारियों को तबादला कर दिया गया।
उम्मीदवारों की घोषणा पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नामांकन होने से पहले बीजेपी उम्मीदवारों के नाम का एलान कर सारी प्रक्रिया पूरी कर लेगी। उन्होंने टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ड्रामा कर रही हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी चुनाव आयोग की ओर से डीजीपी, कोलकाता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अन्य शीर्ष अधिकारियों को हटाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि थानेदारों को भी बदलना चाहिए।
आपको बताते चले कि एक दिन पहले रविवार को चुनाव आयोग ने बंगाल सहित बाकी राज्यों के चुनाव की तारीखों का एलान किया। इस बार बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में सात से आठ चरणों में वोटिंग हुई थी।
राज्य सरकार को भेजे गए एक पत्र में चुनाव आयोग ने उन पुलिस अधिकारियों का विवरण भी मांगा है जिनके अधिकार क्षेत्र में 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में इलेक्शन संबंधी हिंसा की घटनाएं घटी थीं। चुनाव आयोग ने सोमवार को एक और बड़ा कदम उठाते हुए बंगाल सरकार से उन पुलिस अधिकारियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिनके ट्रांसफर के आदेश अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख (28 फरवरी) के बाद जारी किए गए थे।
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