नए साल से छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय कॉलेजों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 जनवरी 2026 से सभी सरकारी महाविद्यालयों में प्राध्यापकों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इस फैसले का मकसद शिक्षण संस्थानों में जवाबदेही बढ़ाना और समय पालन सुनिश्चित करना है।छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही मंत्रालय और संचालनालयों में आधार-आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम लागू कर चुकी है। अब इसी व्यवस्था को कॉलेजों में भी लागू किया जा रहा है। इसके तहत प्राध्यापकों और कर्मचारियों को इन-टाइम और आउट-टाइम दोनों की उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
प्राध्यापक और कर्मचारियों की बढ़ेगी जवाबदेही….
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने पहले ही निर्देश दिए थे कि सभी कॉलेजों में अकादमिक कैलेंडर का सख्ती से पालन हो। उन्होंने प्राचार्यों को सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक कॉलेज में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और कक्षाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए थे।अब कर्मचारी और शिक्षक स्मार्टफोन के जरिए आधार-सक्षम फेशियल वेरिफिकेशन या कॉलेज में लगी बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी लगा सकेंगे। प्रभारी अपर संचालक उच्च शिक्षा डॉ. डीपी साहू ने सभी प्राचार्यों को निर्देश जारी कर 1 जनवरी 2026 से व्यवस्था लागू करने को कहा है।
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