Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. जहां महिला एवं बाल विकास विभाग अपात्र लाभार्थीयों से महतारी वंदन योजना की राशि वसूल रही है. दरअसल राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना, जो आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सहायता देने के लिए शुरू किया गया है, लेकिन एक ओर जहां यह योजना जरुरतमंद महिलाओं के लिए राहत बनी, वहीं दूसरी ओर कई सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों ने गलत जानकारी देकर इसका अनुचित लाभ उठाया.
17 महिनों से मिल रही राशि
वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, पिछले 17 महीनों तक लगातार शासकीय कर्मचारियों के खातों में हर महीने ₹1,000 ट्रांसफर होते रहे. रायपुर जिले में ऐसे 128 कर्मचारियों की पहचान हुई है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर योजना में आवेदन किया और राशि प्राप्त की. इनमें 42 महिलाएं स्वयं शासकीय कर्मचारी थीं, जबकि बाकी उन पुरुष कर्मचारियों की पत्नियां, बेटियां या पेंशनधारी महिलाएं थी.
पैसे वापस लेने की प्रक्रिया हुई शुरू
जानकारी के मुताबिक अब तक ₹4 लाख की वसूली, टारगेट ₹21 लाख विभाग ने अब इन सभी लाभार्थियों से योजना की राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कुल मिलाकर ₹21 लाख की वसूली का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से ₹4 लाख की वसूली हो भी चुकी है. विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों की सूची तैयार कर जिला स्तर पर रिकवरी अभियान शुरु कर दिया है.
क्या है महतारी वंदन योजना?
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए चलाई जा रही एक सरकारी योजना है. इस योजना के तहत विवाहित या विधवा महिलाएं जिनकी उम्र 21 साल से ज्यादा है उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से हर महीने 1000 रुपए की राशि दी जाती है. इसके पंजीयन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक पासबुक ली जाती है. इन दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद आंगनबाड़ी सुपरवाइजर द्वारा योजना का लाभ पाने के लिए अप्रूव किया जाता है.
बता दें कि बीजेपी सरकार बनने के बाद से मार्च 2024 से हर महीने महिलाओं को पैसे दिए जा रहे हैं और अब तक महतारी वंदन योजना की 15 किस्त जारी जा चुकी है. जिसमें करीब 70 लाख पात्र महिलाओं को अब तक 9 हजार 788 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं.
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