कांग्रेस का विश्रामपुर थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरना: आज भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव होंगे शामिल, आर्म्स एक्ट FIR पर बढ़ा विवाद

सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता सोमवार सुबह से थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की है।

मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के भी धरने में शामिल होने की संभावना है। वहीं कांग्रेस प्रदेश कमेटी ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की है।

FIR को लेकर कांग्रेस का विरोध तेज
भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के खिलाफ धमकी, गाली-गलौज और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नरेंद्र जैन ने भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय पर कटार तान दी थी।

कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है। प्रदर्शन के दौरान दीपक बैज ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना जांच के गंभीर धाराएं लगाना गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि आर्म्स एक्ट की धाराएं वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन जारी रहेगा।

देर रात तक धरने पर डटे रहे नेता और कार्यकर्ता
कांग्रेस का धरना सोमवार देर रात तक जारी रहा। थाने के सामने चटाई और दरी बिछाकर कार्यकर्ता और नेता पूरी रात बैठे रहे। धरने में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारसनाथ राजवाड़े और अंबिका सिंहदेव सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

देर रात टीएस सिंहदेव भी धरनास्थल पहुंचे और उन्होंने कहा कि यदि आर्म्स एक्ट लगाया गया है तो हथियार की बरामदगी और जांच की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को परेशान करने के लिए मामला दर्ज किया गया है।

जांच समिति गठित, चुनावी साजिश का आरोप
प्रदेश कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति बनाई है। समिति में सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और एमसीबी जिलाध्यक्षों समेत कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।

कांग्रेस के मुताबिक, विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई जब भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय नरेंद्र जैन के प्रतिष्ठान पहुंचे थे। पार्टी का आरोप है कि वहां चुनावी मुद्दे पर बहस हुई और बाद में भाजपा नेताओं की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली। प्रदेश कांग्रेस अब इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में है।

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